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'...इसीलिए भगवंत मान को रखा जा रहा संसद से दूर'
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sun, 21 Aug 2016 08:22 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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आम आदमी पार्टी के पंजाब से सांसद भगवंत मान को संसद से दूर रखकर पंजाब के ज्वलंत मुद्दों को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। यह सब भाजपा के इशारे पर हो रहा है।
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यह आरोप शनिवार को आप के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशीष खेतान ने पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा के 282 सांसद मिलकर अकेले सांसद भगवंत मान के पीछे पड़ गए हैं।
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दरअसल, खेतान ने यह आरोप इसलिए लगाया है, क्योंकि भगवंत मान के संसद परिसर का वीडियो बनाने पर जांच के लिए बनाई गई संसदीय जांच समिति को रिपोर्ट देने की समय सीमा फिर बढ़ा दी है।
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भगवंत मान तब तक संसद नहीं जा सकते, जब तक कमेटी अपनी रिपोर्ट नहीं दे देती है। इस पर आशीष खेतान ने कहा कि केंद्र सरकार भगवंत मान को संसद से इसलिए दूर रख रही है, ताकि वे संसद में पंजाब के मुद्दे न उठा पाएं।
उन्होंने कहा कि पंजाब के किसानों की फसल की सरकारी खरीद नहीं की जा रही है। पंजाब में अकाली दल के नेता नशे का कारोबार चलाकर युवाओं को बर्बाद कर रहे हैं।
खेतान ने आरोप लगाया कि भाजपा भगवंत मान पर दबाव बना रही है कि वे अपने वक्तव्य से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आईएसआई का जिक्र हटाएं। जिसमें मान ने कहा था कि मेरे साथ-साथ प्रधानमंत्री को भी संसद की जांच समिति अपनी जांच के दायरे में लाए, जिन्होंने पठानकोट एयरबेस में पाकिस्तान की आईएसआई को बुलाकर वहां की रेकी कराई।
पंजाब के राज्यपाल के बहाने साधा बीजेपी पर निशाना
खेतान ने कहा कि केंद्र सरकार ने बीपी बदनौर को पंजाब का राज्यपाल बनाया है, जिन्होंने खुद एक बार फर्जी स्टीकर लगाकर संसद में प्रवेश किया था। सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें पकड़ भी लिया था। संसद की एथिक्स कमेटी ने उन्हें दोषी भी पाया था, लेकिन बाद में उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। वहीं, दूसरी तरफ सिर्फ एक छोटा सा सार्वजनिक शैक्षणिक वीडियो बनाने पर भगवंत मान को संसद से दूर रखा जा रहा है।