{"_id":"5dc41a058ebc3e5b14599338","slug":"aap-slam-to-bjp-leaders-to-submit-affidavit-of-pollution-in-supreme-court","type":"story","status":"publish","title_hn":"आप ने किया भाजपा पर हमला, कहा- सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर कर केंद्र सरकार ने मानी गलती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आप ने किया भाजपा पर हमला, कहा- सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर कर केंद्र सरकार ने मानी गलती
Thu, 07 Nov 2019 07:46 PM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Vikas Kumar
Updated Thu, 07 Nov 2019 07:46 PM IST
विज्ञापन
pollution in delhi ncr
- फोटो : ani
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रदूषण को लेकर सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को केंद्र सरकार ने हलफनामा दायर कर गलती मान ली। इसके बाद आम आदमी पार्टी के नेताओं ने भाजपा को घेरना शुरु कर दिया है। हलफनामे को लेकर आप नेताओं ने जमकर भाजपा पर निशाना साधा।
विज्ञापन
आम आदमी पार्टी के मुताबिक केंद्र सरकार सुप्रीम कोर्ट के सामने खुद मान रही है कि बीते महीने पराली जलाने के मामले बढ़ने से दिल्ली की हवा खराब हुई है। जबकि भाजपा नेता दिल्ली में पराली के धुएं को प्रदूषण की वजह नहीं मानते।
विज्ञापन
आप विधायक सौरभ भारद्वाज ने कहा कि केंद्र सरकार की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे में कहा गया है कि 2018 की तुलना में 2019 में प्रदूषण कम हुआ है। दिवाली से पहले दिल्ली के हालात बेहतर थे, लेकिन पटाखों और पराली के धुएं से हालात बिगड़े हैं।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने हरियाणा और पंजाब के मुख्य सचिवों को एक नवंबर को पत्र लिखकर आगाह किया था कि दोनों राज्यों में पराली जलाई जा रही है, जिससे प्रदूषण बढ़ रहा है।
आप के सांसद संजय सिंह ने कहा कि हलफनामे से भाजपा नेताओं का झूठ सामने आ गया है। इससे साबित होता है कि कैसे झूठ व अफवाह फैलाकर दिल्ली के लोगों और दिल्ली सरकार को बदनाम किया जा रहा है।
भाजपा नेताओं को दिल्ली की जनता से माफी मांगनी चाहिए। सिंह ने सवाल किया कि दिल्ली में लागू सम-विषम फार्मूले को गलत कहने वाले भाजपा नेता क्या यूपी सरकार के उस फैसले को गलत ठहराएंगे, जिसमें सम-विषम लागू करने का प्रस्ताव है।