नाबालिग लड़की ने चौकी में फांसी लगाकर दी थी जान, अब पुलिस पर शुरू हुआ सियासी वार
तिलक विहार इलाके की पुलिस चौकी में किशोरी के फांसी लगाकर जान देने के मामले में आम आदमी पार्टी (आप) ने दिल्ली पुलिस पर सियासी हमला बोला है। आप ने इसे हिरासत में मौत का मामला करार देकर चौकी इंचार्ज पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं, दिल्ली पुलिस को गैर-जिम्मेदार बताकर इस मौत की जिम्मेदारी तय करने को केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह से भी आप ने सवाल दागे है।
पार्टी की पूर्वी दिल्ली संसदीय क्षेत्र की प्रभारी आतिशी मरलेना, दिल्ली महिला विंग की अध्यक्ष रिचा पांडेय मिश्रा व विधायक जरनैल सिंह ने सोमवार को इस बारे में मीडिया के सामने अपनी बात रखी। इस दौरान किशोरी की मां भी उनके साथ मौजूद थीं। जरनैल सिंह ने कहा कि छोटे से झगड़े में दिल्ली पुलिस ने किशोरी और उसके भाई को लॉकअप में बंद कर दिया। जबकि कानून कहता है कि किसी भी लड़की को थाने में रात में नहीं रखा जा सकता।
देर रात लड़की ने घबराहट में फांसी लगा ली। यह हादसा पुलिस की लापरवाही से हुआ है। लेकिन इसकी जिम्मेदारी लेने कोई तैयार नहीं है। हैरानी की बात यह कि घटना के समय पुलिस चौकी में मौजूद किसी भी पुलिस वाले ने किशोरी को बचाने की कोशिश नहीं की बल्कि सभी पुलिसकर्मी चौकी छोड़कर भाग खड़े हुए। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाई होती तो शायद किशोरी को बचाया जा सकता था। वहीं, रिचा पांडेय मिश्रा ने बताया कि यह कोई पहली घटना नहीं है, जिसमें पुलिस की कस्टडी में किसी व्यक्ति की मौत हुई हो। पिछले दस महीने में इस तरह के कई मामले सामने आए हैं।
आप के केंद्रीय गृहमंत्री व उपराज्यपाल से सवाल
दूसरी तरफ आतिशी मरलेना ने कहा कि दिल्ली पुलिस गृहमंत्री राजनाथ सिंह के प्रति जवाबदेह है। लेकिन उनके पास पूरे देश की जिम्मेदारी है। लिहाजा वह दिल्ली पुलिस पर ध्यान नहीं दे पा रहे। इससे पुलिस गैर-जिम्मेदार हो गई है। आप इसीलिए पूर्ण राज्य का आंदोलन चला रही है। दिल्ली सरकार के अधीन आने पर पुलिस को जवाबदेह बनाया जा सकेगा। इस मौके पर आप ने दिल्ली पुलिस से कई सवाल भी किये।
आप के केंद्रीय गृहमंत्री व उपराज्यपाल से सवाल
-रात 1:30 बजे एक किशोरी को चौकी में क्यों रखा गया, जबकि कानूनन रात को 8 बजे के बाद किसी भी महिला को थाने में नहीं रखा जा सकता?
- उस किशोरी को अपने परिवार वालों से अलग कमरे में बंद करके क्यों रखा गया?
-जब किशोरी ने आत्महत्या की तो वहां मौजूद पुलिसकर्मी छोड़कर क्यों भागे, लड़की की मदद क्यों नहीं की?
-अभी तक पुलिस चौकी इंचार्ज को बर्खास्त क्यों नहीं किया गया?