आप कार्यकर्ता खुदकुशी मामले में विधायक शरद चौहान को मिली जमानत
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नरेला से आप विधायक शरद चौहान को अदालत ने बृहस्पतिवार को जमानत दे दी। अदालत ने कहा कि आरोपी विधायक से पुलिस गहराई से पूछताछ कर चुकी है इसलिए उसे जेल में रखने का कोई औचित्य नहीं है।
दिल्ली पुलिस ने शरद चौहान को आप कार्यकर्ता सोनी मिश्रा खुदकुशी मामले में गिरफ्तार 30 जुलाई को गिरफ्तार किया था। रोहिणी जिला अदालत की अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश गौतम मनन ने शरद चौहान को जमानत प्रदान कर दी।
अदालत ने 30 हजार रुपये के निजी मुचलके व इतनी ही राशि के जमानती की शर्त पर जमानत दी है। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि पीड़िता ने 19 जुलाई को खुदकुशी की थी और अस्पताल में उसने मोबाइल वीडियो पर अपना बयान रिकॉर्ड किया था।
'पीड़िता ने मजिस्ट्रेट के समक्ष भी नहीं लिया विधायक का नाम'
बयान में पीड़िता ने रमेश भारद्वाज, रजनीकांत व अमित भारद्वाज का नाम लिया था। उसने इन तीनों को अपनी मौत व जिंदगी को नरक बनाने के लिए जिम्मेदार बताया है। लेकिन उसने कहीं भी शरद चौहान का नाम नहीं लिया है।
अदालत ने कहा पीड़िता ने मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज बयान में भी शरद चौहान का नाम नहीं लिया है। अभियोजन ने एक वाट्स ऐप मैसेज पर भरोसा किया है जिसमें एमएलए को एएमएल लिखा गया है लेकिन पीड़िता का बयान इस मैसेज के बाद दर्ज किया गया था।
इस बयान में उसने शरद चौहान का नाम नहीं लिया। ऐसे हालात में आरोपी को जेल में रखने का कोई औचित्य नहीं है।