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आप विधायक ने ही केजरीवाल सरकार से पूछे तीखे सवाल

Sun, 18 Oct 2015 07:16 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sun, 18 Oct 2015 07:16 PM IST
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AAP MLA raised serious questions on Kejriwal government.

आम आदमी पार्टी से निकाले गए योगेंद्र यादव के नजदीकी आप विधायक विधायक पंकज पुष्कर ने एक बार फिर सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं।

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उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल व विधायकों को इस बारे में एक चिट्ठी भी लिखी है। समस्याओं को उठाने के साथ ही पुष्कर ने दिल्ली की ज्वलंत समस्याओं पर विचार करने के लिए विधान सभा का सत्र बुलाने की मांग भी की है।
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पंकज पुष्कर ने पत्र में लिखा है कि फिलहाल आम लोगों व सरकार के बीच का संवाद एकतरफा हो गया है। सरकार की बात तो जनता तक पहुंच रही है, लेकिन जनता की आवाज सरकार तक नही पहुंच रही।
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इस तरह से आम लोगों के लिए सरकार के काम के बारे में जानना लगभग असंभव हो गया है । उन्होंने कहा कि झूठ, पाखंड और लफ्फाजी की राजनीति को बढ़ावा मिल रहा है। सकारात्मक राजनीति के लिए कोई जगह नहीं है।

पुष्कर के गंभीर सवाल

AAP MLA raised serious questions on Kejriwal government.
पिछले आठ महीने में विधानसभा में प्रश्नकाल सिर्फ एक दिन हुआ है। इस तरह जवाबदेही से भागने की कोशिश क्यों की जा रही हैं। इतना ही नहीं, पुष्कर ने 21 संसदीय सचिवों की जिम्मेदारियों, उनके अधिकार और उन पर होने वाले खर्च पर भी सवाल खड़े हुए हैं।

उन्होंने विधान सभा अध्यक्ष से दिल्लीवासियों की समस्याओं पर केंद्रित विधानसभा सत्र बुलाए जाने की अपील की। बता दें कि योगेंद्र यादव के नजदीकी पंकज पुष्कर नियमित तौर पर सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते रहे हैं। बावजूद इसके पार्टी ने उन पर कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की है।

पंकज पुष्कर के सवाल-
1. पिछले आठ महीने में प्रश्नकाल सिर्फ एक दिन हुआ है। इस तरह जवाबदेही से भागने की कोशिश सरकार क्यों कर रही है।
2. विधानसभा में झूठ, पाखंड और लफ्फाजी की राजनीति को बढ़ावा क्यों दिया जा रहा है।
3. संसदीय सचिवों (21) के दायित्व व अधिकार क्या हैं। उन पर होने वाला खर्च कहां से और कितना हो रहा है।
4. जनता और सरकार के बीच दो-तरफा संवाद का अभाव है। आम लोगों के लिए सरकार के काम के बारे में जानना लगभग असंभव बना दिया गया है।
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