दंगे रोकने के लिए AAP ने बनाया खास प्लान
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आम आदमी पार्टी ने राजधानी में सांप्रदायिक तनाव के बीच मतदाताओं को लामबंद करने की तैयारी शुरू कर दी है। पार्टी ने अपने सभी पूर्व विधायकों और उम्मीदवारों को निर्देश दिया है कि सांप्रदायिक सौहार्द का माहौल बनाए रखने के लिए अमन कमेटियां बनाई जाएं।
कमेटी की जिम्मेदारी अमन चैन बनाए रखने की होगी। पार्टी का आरोप है कि दूसरे राज्यों में चुनाव जीतने के लिए भाजपा दंगों का सहारा ले चुकी है।
दिल्ली में भी सुनियोजित तरीके से लोगों को बांटने की कोशिश हो रही है। त्रिलोकपुरी, बवाना, मुंडका व ओखला की घटनाएं इसका उदाहरण हैं।
"दंगों की राजनीति कर रही भाजपा"
पार्टी ने पूर्व विधायकों से कहा कि सभी विधानसभा क्षेत्रों में अमन कमेटियां बनाई जाएं। अगर इलाके में भड़काऊ सभा होती है तो वहां जाकर शांतिपूर्वक विरोध करें। साथ ही किसी भी वारदात में शामिल लोगों की पहचान कर उन्हें पुलिस के हवाले कर दें, ताकि मामले को सांप्रदायिक रंग न दिया सके।
अमन कमेटी आम लोगों को बताए कि भाजपा ने किस तरह दूसरे राज्यों में तनाव बढ़ाकर चुनाव जीता। इसके अलावा तनाव होने पर इलाके के लोगों से बात करें और उनकी हर तरह से मदद की जाए।
‘आप’ संयोजक अरविंद केजरीवाल ने दिल्लीवासियों से आपसी भाईचारा बनाए रखने के लिए पूरी कोशिश करने की अपील की। अमन कमेटियों में शामिल होने की इच्छा रखने वालों का पार्टी स्वागत करेगी।
‘आप’ ने शुरू की फर्जी वोटरों की तलाश
‘आप’ ने अपने स्तर पर बृहस्पतिवार से फर्जी मतदाताओं की तलाश शुरू कर दी है। पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल ने अपने सभी पोलिंग स्टेशन और बूथ इंचार्ज को इस बारे में निर्देश दिया। इस दोनों को घर-घर जाकर सूची का सत्यापन करना होगा। इसके साथ ही हर बूथ पर दो-दो कार्यकर्ताओं की टीम बनाई गई है।
पार्टी के प्रदेश संयोजक आशुतोष के मुताबिक, तकरीबन 11,000 बूथ और 3,000 पोलिंग स्टेशन के इंचार्ज ने फर्जी वोटरों को तलाशने का काम शुरू कर दिया है।
फर्जी मतदाताओं का नाम लिस्ट से निकलवाया जाएगा और इसे बनाने वाले अधिकारी की शिकायत भी की जाएगी। सत्यापन का काम 30 नवंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
AAP की मान्यता रद्द करने को याचिका
आम आदमी पार्टी के पंजीकरण के समय दस्तावेज में कथित धोखाधड़ी का मामला फिर विवादों में आ गया है। हाईकोर्ट में याचिका दायर करके पार्टी के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज करने व मान्यता रद्द करने की मांग की गई है।
अदालत ने इस मुद्दे पर पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल के अलावा छह सदस्यों व चुनाव आयोग को नोटिस जारी करके चार सप्ताह में पक्ष पेश करने का निर्देश दिया है।
न्यायमूर्ति मनमोहन ने याची को भी कहा कि यदि वे उनके जवाब पर कोई पक्ष रखना चाहें तो चार सप्ताह में पेश कर सकते हैं। अदालत ने यह निर्देश गैर पंजीकृत जनराज्या पार्टी द्वारा दायर याचिका पर बुधवार को सुनवाई के दौरान दिया।
आप के पंजीकरण में हुआ है फ्रॉड?
याची ने आरोप लगाया है कि किसी भी राजनीतिक पार्टी के पंजीकरण के समय संस्थापक सदस्यों द्वारा 100 शपथपत्र जमा करवाना अनिवार्य है, लेकिन आप पार्टी ने शपथपत्र जमा करवाने में धोखाधड़ी व जालसाजी की है।
याची के अधिवक्ता ने कहा कि उनके मुवक्किल ने चुनाव आयोग के समक्ष इस मुद्दे को लेकर 19 अगस्त 2013 को शिकायत की थी, लेकिन बिना कोई कारण बताए अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया है। आयोग ने मुवक्किल को अभी तक कोई सूचना भी नहीं दी है।
धोखाधड़ी व जालसाजी की पुलिस जांच जरूरी है और जांच में क्या हुआ यह भी स्पष्ट नहीं है। उन्होंने अदालत से आग्रह किया कि आयोग को इस मुद्दे पर स्पष्टीकरण मांगने के अलावा संबंधित थाना क्षेत्र पुलिस को सभी संबंधित लोगों के खिलाफ फर्जी दस्तावेज पेश करने पर धोखाधड़ी व अन्य धाराओं में मामला दर्ज करने का निर्देश दिया जाए।