मुआवजा नियम में बदलाव पर बरसे 'आप' नेता
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आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता योगेन्द्र यादव ने बृहस्पतिवार को हरियाणा सरकार पर किसान विरोधी होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार ने केंद्र के भूमि अधिग्रहण कानून के खिलाफ जाकर मुआवजे के नियमों में बदलाव कर दिया है।
उन्होंने कहा कि यह बदलाव अवैध ढंग से किया है। आम आदमी पार्टी इसकी निंदा करती है और इसे तुरंत वापस लेने की मांग करती है। वह बृहस्पतिवार को यहां सेक्टर-31 स्थित अपने कार्यालय में पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों के लिए गुणा फैक्टर दो से घटाकर एक कर दिया है। सरकार के इस कदम से ग्रामीण किसानों को मुआवजे में मिलने वाले मुआवजे की राशि में कम से कम 50 प्रतिशत की सीधी कटौती हो गई।
इतना ही नहीं, भूमि अधिग्रहण कानून 2013 के अंतर्गत बेसिक रेट पर 100 प्रतिशत सोलेशियम (मुआवजा) देने का प्रावधान किया गया था। मगर हरियाणा सरकार ने इसके विपरीत मात्र 30 प्रतिशत सोलेशियम पर मुआवजे की राशि देने का निर्णय लिया है। उन्होंने हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल पर यू-टर्न लेने का आरोप लगाया। कहा, सरकार खाद और 24 घंटे बिजली देने में नाकाम साबित हो रही है।
यादव ने केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली के उस बयान का उल्लेख किया जिसमें उन्होंने कहा था कि उनकी सरकार ने भूमि अधिग्रहण कानून में मिलने वाले उच्चतम मुआवजे को बिल्कुल नहीं छेड़ा है।
इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा था कि वर्ष 2013 के कानून में लिखित नियम के हिसाब से मुआवजे की पूरी राशि मिलती रहेगी। यादव ने कहा कि मगर उनकी ही सरकार ने हरियाणा में उनके इस कथन को झूठा साबित कर दिया। यादव ने जेटली से मांग की है कि वह मुआवजे की रकम पर भ्रामक बयान न दें। उनकी ही अपनी राज्य सरकारें किसानों के साथ धोखा कर रही हैं।
अध्यादेश के विरोध में आप करेगी प्रदर्शन
केंद्र के भूमि अधिग्रहण अध्यादेश के विरोध में बृहस्पतिवार को आम आदमी पार्टी ने यहां जिला लघु सचिवालय पर प्रदर्शन किया गया। नेतृत्व योगेन्द्र यादव ने किया। इस दौरान उन्होंने आम आदमी पार्टी की ओर से प्रधानमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन उपायुक्त टीएल सत्यप्रकाश को सौंपा।
उनकी मुख्य मांगों में केंद्र सरकार इस अध्यादेश को वापस ले, क्योंकि अध्यादेश न्यायसंगत नहीं है। यादव ने केंद्र सरकार के अध्यादेश की तुलना अंग्रेजों के कानून से की। ज्ञापन में आठ बिंदु हैं।
पांच बदलाव न्यायसंगत नहीं
योगेन्द्र यादव ने कहा कि केंद्र सरकार ने अध्यादेश लाकर जो पांच बदलाव किए हैं वह बहुत बुरे हैं। इसमें रक्षा, हाउसिंग, रूरल, इंडस्ट्रियल कॉरीडोर और सार्वजनिक हित शामिल हैं। इन पांचों बिंदुओं पर बिना किसानों की सहमति के भूमि का अधिग्रहण सरकार कर सकती है।