पूर्व AAP नेता ने खोली केजरीवाल की पोल
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आम आदमी पार्टी (आप) के रवैये से नाराज होकर पार्टी छोड़ने वाले पूर्व आईपीएस रणवीर शर्मा ने कहा है कि स्वराज लोगों के बीच में जाकर संवाद करने से आता है। अपनी तानाशाही करके दूसरों पर बात थोपने से नहीं।
शर्मा ने अरविंद केजरीवाल को तानाशाह बताते हुए कहा कि वह ‘आप’ में इसलिए शामिल हुए ताकि भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ सकें। लेकिन पार्ट्री के उच्च पदों पर बैठे कुछ नेता नहीं चाहते कि राजनीतिक फैसलों में आम लोगों की राय ली जाए।
आम आदमी पार्टी में भ्रष्टाचार खत्म करने को लेकर ठोस योजना नहीं है। उन्होंने कहा कि ‘आप’ में केजरीवाल के फैसले को पूरी पार्टी पर थोप दिया जाता है। अंत में कार्यकर्ताओं को उनकी बात माननी पड़ती है।
'केजरीवाल ने पांच बार कहा था, लड़िए चुनाव'
रणवीर शर्मा ने कहा कि लोकसभा चुनावों में टिकट न मिलने से नाराज होने का कोई सवाल नहीं है। क्योंकि खुद केजरीवाल ने उन्हें चुनाव लड़ने का निमंत्रण दिया था।
यही नहीं, केजरीवाल ने तो पांच बार शर्मा को लोकसभा का चुनाव लड़ने के लिए कहा था। लेकिन शर्मा ने आप के रवैये चलते पार्टी छोड़ी थी।
उन्होंने पार्टी को लक्ष्य से भटकता देखकर उन्होंने चुनाव नहीं लड़ा। शर्मा ने न केवल ‘आप’ को ही नहीं, बल्कि कांग्रेस व भाजपा को भी कोसा।
बनाई खुद की 'मिनी आप'
आम आदमी पार्टी छोड़ने के बाद पूर्व आईएएस अफसर रणवीर शर्मा ने खुद की पार्टी बना ली है। यही नहीं, उन्होंने हरियाणा के चुनाव विधानसभा चुनाव में सभी सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने को कहा है।
शर्मा बुधवार को होटल डिलाइट में प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित कर रहे थे। शर्मा ने दावा किया कि उनकी पार्टी हरियाणा में सभी 90 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी।
इस दौरान पार्टी के सदस्य सहीराम रावत ने कहा कि राष्ट्रीय लोकस्वराज पार्टी के उम्मीदवार लोगों की रायशुमारी से तय होंगे।