{"_id":"58061faf4f1c1bfc4a70347c","slug":"aap-blames-mcd-for-running-illegal-parking-in-delhi","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"आप का आरोप, एमसीडी में चल रही पार्किंग माफियागीरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आप का आरोप, एमसीडी में चल रही पार्किंग माफियागीरी
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 19 Oct 2016 09:37 AM IST
विज्ञापन
आम आदमी पार्टी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आम आदमी पार्टी (आप) ने भाजपा नेताओं पर हमला करते हुये पार्किंग में बड़े पैमाने पर घोटाले का आरोप लगाया है। पार्टी का कहना है कि एमसीडी में बैठे भाजपा नेताओं के इशारे पर ठेकेदार लोगों से पार्किंग का मनमाना चार्ज ले रहे हैं।
विज्ञापन
इसमें कांग्रेस की भी मिलीभगत है। दूसरी तरफ निगम प्रशासन ने इस मामले में ठेकेदारों को खुली छूट दे रखी है। पार्टी कार्यालय पर मीडिया से बात करते हुये विधायक नितिन त्यागी ने आरोप लगाया कि पार्किंग चार्ज गैर-कानूनी तरीके से लिया जा रहा है।
विज्ञापन
स्कूटर व मोटर साइकिल के लिए 5-7 रुपये निर्धारित शुल्क की जगह 10-12 रुपये लिये जा रहे हैं। वहीं, 10 रुपये की जगह कार के हर घंटे का 20 रुपये की अवैध वसूली हो रही है। सारा पैसा पार्किंग माफिया और निगम में बैठे भाजपा नेताओं की जेब में जा रहा है। इसमें निगम के कांग्रेसी नेताओं की भी रजामंदी है।
विज्ञापन
भाजपा और कांग्रेस के पार्षदों की जेब में जा रहा पैसा!
आम आदमी पार्टी
दूसरी तरफ पार्टी प्रवक्ता रिचा पांडेय ने सवाल किया कि अधिकृत राशि से चार गुना ज्यादा वसूली होने वाले पैसे इस्तेमाल कहां हो रहा है? उन्होने आशंका जताई कि कहीं यह भाजपा और कांग्रेस के पार्षदों की जेब में जा रहा हो?
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा शासित नगर निगम दुनिया की भ्रष्टतम संस्था बनने की दौड़ में अव्वल बना हुआ है। दिल्ली के लोग यह जानना चाहते हैं कि अवैध तरीक़े से पार्किंग शुल्क के नाम पर उनसे जबरन वसूल किया जा रहा यह पैसा कहां और किसकी जेब में जा रहा है?
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा शासित नगर निगम दुनिया की भ्रष्टतम संस्था बनने की दौड़ में अव्वल बना हुआ है। दिल्ली के लोग यह जानना चाहते हैं कि अवैध तरीक़े से पार्किंग शुल्क के नाम पर उनसे जबरन वसूल किया जा रहा यह पैसा कहां और किसकी जेब में जा रहा है?