चुनाव आयोग के फैसले पर AAP को आपत्ति, विपक्षी मांग रहे केजरीवाल का इस्तीफा
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अपने 20 विधायकों को चुनाव आयोग द्वारा अयोग्य घोषित किए जाने की खबरों के बाद आम आदमी पार्टी ने आयोग की प्रक्रिया पर ही सवाल उठा दिए हैं।
आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि पार्टी का कोई भी विधायक लाभ के पद पर नहीं था। ना किसी के पास गाड़ी थी, ना बंगला था ना ही किसी को एक रुपया सैलरी दी गई।
साथ ही सौरभ ने ये भी कहा कि किसी के पास इस बात का प्रमाण नहीं है ना ही कोई बैंक ट्रांजेक्शन ही ये दिखाता है कोई पैसा लिया दिया गया। फिर यह कैसे लाभ का पद हो सकता है।
यही नहीं भारद्वाज ने चुनाव आयोग के अध्यक्ष पर भी आरोप लगा दिया कि सोमवार को वह रिटायर हो रहे हैं तो मोदी जी का कर्ज उतारने चाहते हैं। वह गुजरात के ही हैं और सोमवार को रिटायर हो रहे हैं तो कोई भी अब उन्हें इस पद पर नहीं बनाए रख सकता। इसलिए अब इस केस का निपटारा कर वह मोदी जी गुड बुक्स में आना चाहते हैं।
क्या बोले विरोधी-
भारतीय जनता पार्टी ने भी चुनाव आयोग के इस फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. पूर्व दिल्ली भाजपा अध्यक्ष सतीश उपाध्याय ने कहा कि जनता को आप का भ्रष्टाचार दिख रहा है। सरकार का भ्रष्टाचार बेनकाब हुआ है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को अब पद पर बने रहने का कोई औचित्य नहीं रह गया है।
कांग्रेस की शर्मिष्ठा मुखर्जी ने चुनाव आयोग की सिफारिश का स्वागत करते हुए इसे आम आदमी पार्टी द्वारा किया गया गैर कानूनी काम करार दिया। कांग्रेस के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष अजय माकन ने कहा कि नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इन विधायकों को इस्तीफा दे देना चाहिए। माकन ने कहा कि दिल्ली में सोमवार को हमारी पार्टी केजरीवाल के दफ्तर के बाहर विरोध प्रदर्शन करेगी और केजरीवाल के इस्तीफे की मांग करेगी।
आम आदमी पार्टी के विधायक राजेश गुप्ता का कहना है कि हमने चुनाव आयोग से लेटर की मांग की थी पर हमें कुछ जवाब नहीं मिला है। आयोग में हमारी कोई सुनवाई नहीं हुई। यह मामला उच्च न्यायलय में विचाराधीन है।
आपको बतादें कि उन 20 विधायकों में से एक राजेश गुप्ता भी हैं जिन्हें लाभ के पद मामले में अयोग्य घोषित किया गया है।
We demanded copy of the letter but we have got nothing from the Election Commission. There has been no hearing. The matter is sub judice in the high court: Rajesh Gupta, Aam Aadmi Party MLA who has reportedly been disqualified in Office of Profit case pic.twitter.com/oTP0Jy1ieN
— ANI (@ANI) January 19, 2018