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एक साल बीता, अब भी सलाखों से दूर यादव सिंह

Fri, 27 Nov 2015 09:57 AM IST
Updated Fri, 27 Nov 2015 09:57 AM IST
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A year has passed, but still yadav singh in not in jail

आज से ठीक एक साल पहले नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण के निलंबित चीफ इंजीनियर यादव के यहां आयकर विभाग ने छापा मारा था।

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अकूत संपत्ति के  स्वामी यादव सिंह के नजदीकी के यहां 10 करोड़ रुपये नगदी, आभूषण और ढेर सारी अचल संपत्तियों के कागजात मिले थे। टीम ने बैंकों में लॉकर खुलवाकर कीमती जेवर भी बरामद किए थे।

दरअसल, 27 नवंबर 2014 को सेक्टर-51 के ए-10 यादव सिंह के आवास पर आयकर विभाग ने छापा मारा था। लखनऊ में जब प्रेसवार्ता करके विभाग के अधिकारियों ने खुलासा किया तो कई के होश उड़ गए थे।

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राजनीतिक संरक्षण के खिलाफ नहीं हुई ठोस कार्रवाई

A year has passed, but still yadav singh in not in jail

छापे की कार्रवाई के बाद प्राधिकरण ने यादव सिंह को निलंबित कर दिया था। राजनीतिक संरक्षण होने के चलते उस समय यादव सिंह के खिलाफ कोई खास कार्रवाई भी नहीं की गई थी।


सरकार ने भी बचाव किया था। हालांकि, मामला इतना तूल पकड़ा कि कई सामाजिक संगठन यादव सिंह के खिलाफ जांच की मांग करने लगे और धरना प्रदर्शन भी शुरू हो गया।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष समेत दर्जनों सांसद और विधायकों ने प्राधिकरण के बाहर डेरा डाला था और अधिकारियों से कहासुनी भी हो गई थी।

खुद ही कोर्ट जा पहुंची सीबीआई और जांच का आदेश लेकर ही लौटी

A year has passed, but still yadav singh in not in jail

इधर, भाजपा समेत अन्य संगठन यही चाहते थे कि सीबीआई की जांच होनी चाहिए, लेकिन प्रदेश सरकार ने जांच आयोग बैठाकर कह दिया कि अब एक जांच शुरू हो चुकी है तो दूसरी जांच की जरूरत नहीं, लेकिन सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. नूतन ठाकुर सीबीआई जांच के लिए कोर्ट पहुंच गईं और ढेर सारे सबूत भी कोर्ट को सौंपे।


हाईकोर्ट ने जैसे ही यादव सिंह के खिलाफ सीबीआई जांच के आदेश दिए तो एक बार प्रदेश सरकार समेत सभी सकते में आ गए। हालांकि, कोर्ट के आदेश के बाद भी प्रदेश सरकार ने बचाव का प्रयास किया।

इतने में सीबीआई खुद ही कोर्ट जा पहुंची और जांच का आदेश लेकर ही लौटी।

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ताबड़तोड़ छापे से खुलती चली गई सच्चाई

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जैसे ही सीबीआई ने यादव सिंह, परिवार के सदस्य और सगे संबंधियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के बाद यादव सिंह के आवास, प्राधिकरण समेत अन्य ठिकानों पर छापे मारे, धीरे-धीरे परत दर परत सच्चाई खुलती चली गई।


आयकर विभाग और सीबीआई ने प्राधिकरण से भी यादव सिंह के कार्यकाल से जुड़ी सभी दस्तावेज एकत्र कर लिए हैं। इतना ही नहीं विदेशों में संपत्ति होने की संभावना के चलते ईडी भी प्राधिकरण से सभी जानकारियां ले चुका है।

फिलहाल, सीबीआई यादव सिंह, परिवार के सदस्य, सगे संबंधी, ठेकेदारों आदि को बुलाकर पूछताछ की प्रक्रिया पूरी कर रही है। कई नेता भी सीबीआई के निशाने पर हैं। माना जा रहा है कि सीबीआई धीरे-धीरे सबूतों को एकत्र कर रही है। अब कभी भी यादव सिंह समेत अन्य के खिलाफ शिकंजा कस सकता है।

यादव सिंह मामले पर एक नजर
- 27 नवंबर 2014 को आयकर विभाग का यादव सिंह के यहां छापा
- 10 फरवरी 2015 को प्रदेश सरकार ने जस्टिम वर्मा आयोग का गठन किया
- 16 जुलाई 2015 को हाईकोर्ट ने सीबीआई जांच के आदेश दिए
- 04 अगस्त 2015 को सीबीआई  ने ताबड़तोड़ छापे मारे

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