आदमखोर अजीत: बेहोश बच्चे को मरा समझ सिर को हथौड़े से कुचला, मरने से पहले तड़पा मासूम तब भी न आई हत्यारे को दया
आरोपी ने खुलासा किया कि सिर पर हथौड़े से वार किया तो बच्चा हिला, लेकिन फिर उसने और वार कर उसे मौत के घाट उतार दिया। इसके बाद देर रात ही शव को कपड़े में लपेटा और फिर दो कट्टों में रखकर मांगर एरिया में सड़क किनारे फेंक दिया।
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फरीदाबाद स्थित एनआईटी के ग्राउंड से विनय (9) को आरोपी अजीत बहाने से अपने घर ले गया। वहां कई घंटे तक बंधक बना रखा तो बच्चा शोर मचाने लगा। इस पर आरोपी ने बच्चे का गला दबा दिया तो वह बेहोश हो गया। इसके बाद बच्चे का हाथ-पैर बांधकर उसी ग्राउंड पर यह जांच करने पहुंचा कि वहां कोई बच्चे को तलाश करने तो नहीं आया है। वापस लौटने पर भी बच्चा बेहोश मिला तो इसे लगा कि ये मर गया है। पुलिस प्रवक्ता यशपाल सिंह ने बताया कि मरने की पुष्टि करने व अपनी संतुष्टि के लिए उसने बच्चे के सिर पर हथौड़े से वार कर दिया।
रात को मारा, सुबह घर जाकर सो गया हत्यारा
आरोपी ने खुलासा किया कि सिर पर हथौड़े से वार किया तो बच्चा हिला, लेकिन फिर उसने और वार कर उसे मौत के घाट उतार दिया। इसके बाद देर रात ही शव को कपड़े में लपेटा और फिर दो कट्टों में रखकर मांगर एरिया में सड़क किनारे फेंक दिया। अल-सुबह वापस घर लौटा और सो गया। हत्या कर शव ठिकाने लगाने के बाद भी आरोपी अजीत ने कर्ज के चलते बच्चे के पिता महेंद्र सिंह को कॉल कर 5 लाख रुपये की फिरौती मांगी। तब मामला पुलिस तक पहुंचा और आरोपी को मंगलवार रात काबू कर लिया गया।
मां-बाप करते हैं हाउसकीपिंग का काम
आरोपी के मंगलवार सुबह लगभग 11 बजे कॉल करने के बाद बच्चे के पिता महेंद्र सिंह ने डायल 112 पर कॉल कर वारदात की सूचना दी। उन्होंने बताया कि वह और पत्नी हाउसकीपिंग का काम करते हैं। सोमवार को दोनों नौकरी पर गए और शाम को वापस लौटे तो 9 साल का विनय लापता था। तलाश करने पर उसके बारे में कुछ पता नहीं चला।
रातभर वाहनों ने शव को कुचला
इसके बाद मंगलवार को धमकी भरी कॉल आई। यहीं से थाना पुलिस व अपराध शाखा की टीमें बच्चे व आरोपी की तलाश में जुटीं। तभी मांगर एरिया में सड़क पर बच्चे का शव होने की सूचना मिली तो हत्या का पता चला। रात को कई घंटों तक सड़क पर पड़े रहे कट्टे के अंदर शव को यहां से गुजरने वाले वाहनों ने कुचल दिया। शव की हालत पहचान होने लायक नहीं बची थी। कपड़ों से बच्चे के शव की पहचान हो सकी। जिसके बाद मोबाइल नंबर के आधार पर टीमों ने जांच करते हुए आरोपी को काबू कर लिया।