मर गई ममता: दिल्ली में मां ने नौ दिन की बेटी का रेता गला, पिता ने थाने जाकर जो कहा उसे सुन पुलिस रह गई सन्न
पुलिस को पता चला कि महिला ने करीब 11.30 बजे बच्ची की हत्या कर दी थी। पुलिस ने मौके पर क्राइम और फोरेंसिक टीम को बुलाया। टीम ने मौके पर छानबीन कर साक्ष्य हासिल किए। उसके बाद पुलिस ने बच्ची के शव को कब्जे में कर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया।
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बाहरी जिला के मुंडका इलाके में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। एक महिला ने अपनी नौ दिन की मासूम बेटी की गला रेतकर निर्मम हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस हत्या में इस्तेमाल चाकू बरामद कर लिया है। 22 साल की आरोपी महिला ने पूछताछ में खुलासा किया है कि वह बच्ची नहीं चाहती थी, इसलिए उसने उसे मार दिया। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि बाबा हरिदास कॉलोनी निवासी गोविंदा 25 जुलाई को मुंडका थाने पहुंचा। उसने बताया कि घर में उसकी पत्नी ने नौ दिन की बच्ची की हत्या कर दी है। उसकी बातों को सुनकर पुलिस सन्न रह गई। निरीक्षक देवेंद्र के नेतृत्व में पुलिस टीम गोविंदा को साथ लेकर तुरंत उसके घर पहुंची। पुलिस ने देखा कि दूसरी मंजिल के एक कमरे में नवजात बच्ची लहूलुहान हालत में पड़ी है। उसके गर्दन को चाकू से रेता गया था। पास ही खून से सना चाकू पड़ा था। जब पुलिस वहां पहुंची तो बच्ची की मां दूसरे कमरे में मौजूद थी। जिसे पुलिस ने अपने हिरासत में ले लिया। पुलिस ने मौके पर क्राइम और फोरेंसिक टीम को बुलाया। टीम ने मौके पर छानबीन कर साक्ष्य हासिल किए। टीम ने मौके से चाकू को कब्जे में लेकर उसे जांच के लिए भेज दिया। साथ ही पुलिस ने महिला के खून से सने कपड़े को भी अपने कब्जे में ले लिया। पुलिस ने बच्ची के शव को कब्जे में कर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया।
पूछताछ में महिला ने अपना अपराध कबूल कर लिया। उसने बताया कि वह बच्ची नहीं चाहती थी, इसलिए उसने उसे मार डाला। उसके बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया। पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
महिला के खुलासे से परिवार और पड़ोसी सन्न
चाहत नहीं होने के बावजूद बेटी पैदा होने के बाद से ही आरोपी महिला बच्ची को लेकर परेशान थी। लेकिन परिवार के लोग इससे बेखबर थे। परिवार और आस पड़ोस के लोगों को यकीन ही नहीं हो रहा है कि महिला इस तरह का कदम उठा सकती है। परिवार वालों का कहना है कि उसे पूरी तरह से यकीन था कि उसे ही बेटा होगा। क्योंकि उसके मन में बेटी के पालन पोषण को लेकर ठीक विचार नहीं थे।
पति के आने से डेढ़ घंटे पहले ही कर दी थी हत्या
पुलिस की पूछताछ में पता चला है कि महिला ने बच्ची की हत्या सुबह 11.30 बजे कर दी थी। उसने बताया कि वह अपने बेटे के सामने उसकी हत्या नहीं करना चाहती थी। इसलिए उसे दूसरे कमरे में ले जाकर हत्या कर दी। उसके बाद वह अपने बेटे के साथ दूसरे कमरे में आ गई। करीब एक बजे पति के घर आने पर घटना का पता चला। पति के पूछताछ करने पर महिला ने बताया कि उसने ही सब्जी काटने वाले चाकू से उसकी हत्या की है। उसके बाद पति ने घटना की जानकारी पुलिस को दी।
महिला को हत्या का तनिक भी अफसोस नहीं
पुलिस सूत्रों का कहना है कि महिला को हत्या करने का तनिक भी अफसोस नहीं है। पुलिस के पूछताछ करने पर महिला ने साफ तौर पर बताया कि वह बच्ची नहीं चाहती थी, इसलिए उसने उसे मार डाला। पूछताछ में पता चला कि महिला मानसिक रूप से स्वास्थ्य है। पूछताछ में पता चला कि महिला काम की बोझ और दो बच्चों का पालने को लेकर तनाव में थी। पुलिस अधिकारी का कहना है कि पुलिस महिला का मेडिकल जांच करवाएगी।
महिला का पति, सास और देवर फैक्टरी में करते हैं काम
महिला के गोविंदा ने बताया कि वह मूलत: बिहार के रहने वाले हैं। साल 2019 में वह अपनी मां मालती, भाई अश्वनी के साथ दिल्ली आया। फिर तीनों बहादुरगढ़ स्थित जूता की फैक्टरी में मजदूरी करने लगे। ढ़ाई साल पहले उसकी शादी हुई थी। उसका डेढ़ साल का बेटा मनीष है। उसने बताया कि नौ दिन पहले ही बेटी हुई थी। 25 जुलाई की सुबह वह उसकी मां और भाई फैक्टरी चले गए। एक बजे वापस घर आने पर कमरे में बच्ची को लहूलुहान हालत में देखा। पूछताछ करने पर पत्नी ने बेटी की हत्या करने की बात कही। फिर उसने घटना की जानकारी पुलिस को दी।
महिला हो सकती है पोस्ट पाटम साइकोसिस
नौ दिन की बच्ची का गला रेतकर हत्या करने के मामले को डॉक्टरों ने मनोरोग माना है। डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में मनोरोग विभाग के प्रोफेसर डॉ. लोकेश शेखावत का कहना है कि महिला को पोस्ट पाटम साइकोसिस होने की आशंका है। इस रोग में महिला अपने बच्चे को अपना नहीं मानती। एक हजार में पांच लोगों में यह रोग होने की आशंका रहती है। इन मामलों में देखा गया है कि चार फीसदी महिला अपने बच्चे को मार देते हैं। वहीं पांच फीसदी लोग खुद को भी मार सकते हैं।
इस रोग में महिला के मूड में बदलाव होता है। वह अजीब से बात करती है। बच्चे को अपना नहीं मानती। कई बार उसे लगता है कि उसके बच्चे को बदल दिया गया है या फिर बच्चा कोई राक्षस है। ऐसे बच्चों को वह मार सकती है। फिलहाल महिला को मनोरोग विशेषज्ञ को दिखाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी महिला के मूड में उतार-चढ़ाव दिखे। इसके अलावा बहकी-बहकी बात करना, बेवजह शक करने जैसे लक्षण दिख सकते हैं। यदि किसी में ऐसे लक्षण दिखाई देते हैं तो उसे तुरंत दिखाना चाहिए।