फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   8 youth names in fir of dadri lynching are from one family, relatives of bjp worker

एक ही परिवार से हैं इकलाख की हत्या के आठ आरोपी

Mon, 05 Oct 2015 08:07 PM IST
टीम डिजिटल / अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल / अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Mon, 05 Oct 2015 08:07 PM IST
विज्ञापन
8 youth names in fir of dadri lynching are from one family, relatives of bjp worker

29 सितंबर की रात दादरी में भीड़ द्वारा की गई इकलाख की हत्या में जिन 10 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है उनमें से 7 बीजेपी के स्थानीय नेता संजय राणा के परिवार के हैं। इनमें से एक संजय राणा का बेटा विशाल भी है।

विज्ञापन


इकलाख की हत्या के आरोप में जिन 10 लोगों पर एफआईआर हुई है उनमें सभी 18 से 24 साल के हैं और उनका कोई आपराधिक बैकग्राउंड भी नहीं है।

दादरी मामले में हिरासत में लिया गया होमगार्ड कांस्टेबल विनय भी संजय राणा का रिश्तेदार है। इस बात की संजय राणा ने भी पुष्टि की है कि विशाल के अलावा सौरभ, गौरव, संदीप, शिवम, सचिन और विवेक भी उन्हीं के परिवार के हैं।

विज्ञापन

सचिन और हरिओम हैं फरार

8 youth names in fir of dadri lynching are from one family, relatives of bjp worker

इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार अन्य तीन रूपेंद्र, हरिओम और श्रीओम भी राणा के पड़ोसी हैं। गौरतलब है कि सचिन और हरिओम अभी भी फरार हैं।

नोएडा के सर्कल अफसर अनुराग सिंह के अनुसार जिन 10 के खिलाफ एफआईआर दर्ज है वो आपस में भाई हैं। सौरव और गौरव; विवेक और सचिन और श्रीओम व हरिओम आपस में भाई हैं।

रविवार को इकलाख की पत्नी ने जिस शिवम और विशाल का नाम एफआईआर में लिया था उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

विज्ञापन

'पुलिस के साथ हुई मेरी बहस इसलिए रिश्तेदारों को बनाया आरोपी'

8 youth names in fir of dadri lynching are from one family, relatives of bjp worker

बिसहाड़ा गांव के प्रधान संजीव राणा ने बताया कि दसों आरोपी ठाकुर समुदाय के हैं और एक-दूसरे के आसपास ही रहते हैं। इस हमले ने सभी को हैरत में डाल दिया है ‌क्योंकि इस तरह का गांव में ये पहला हमला है।

जबकि मुख्य आरोपी विशाल के पिता संजय राणा का कहना है कि उसके रिश्तेदारों का नाम इसलिए घसीटा गया है क्योंकि इकलाख पर हमले के बाद पहुंची पुलिस से उनकी जोरदार बहस हो गई थी।

शिवम के पिता मुकेश ने कहा कि उन्हें बिलकुल भी आइडिया नहीं है कि उनके बेटे और भतीजों को क्यों गिरफ्तार किया गया है।

विज्ञापन

'पुलिस को नहीं पता था विनय है होमगार्ड'

8 youth names in fir of dadri lynching are from one family, relatives of bjp worker

होमगार्ड कांस्टेबल विनय के पिता ओम महेश ने इस बात की पुष्टि की है कि संजय राणा उनके चचेरे भाई हैं और उन्होंने विनय के इस मामले में संलिप्त होने से इंकार किया है।

विनय के पिता ने बताया कि जिस दिन 29 सितंबर को ये घटना घटी उस दिन विनय घर पर था। जब उन्होंने इस घटना के बारे में सुना तो वो लोग मौके पर पहुंचे और इकलाख को कार में डाला ताकि उसे जल्द से जल्द अस्पताल ले जाया जा सके।

विनय के पिता ने दावा किया कि पुलिस को उस वक्त पता नहीं था कि विनय होमगार्ड है। विनय के पिता ने ही उन्हें बताया कि उनका बेटा पीसीआर ड्यूटी पर था। पुलिस को यह जानकर हैरानी भी हुई कि उनका बेटा होमगार्ड है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed