जीएसटी का असर: व्यापारियों की इस परेशानी के चलते 60% गिरा व्यापार
ट्रांसपोर्टरों को अब रखना होगा पूरा लेखा-जोखा
जीएसटी आने से पहले ट्रांसपोर्टरों के बुकिंग में आई 60 प्रतिशत कमी
-दो महीने से नहीं आ रही कोई बुकिंग
-ट्रांसपोर्टरों को अब रखना होगा पूरा लेखा-जोखा
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जीएसटी लागू होने से पहले ही टांसपार्टरों का धंधा लडख़ड़ा गया है। टांसपोर्टर दो महीनों से बुकिंग आने के इंताजार में बैठे हैं। लेकिन कारोबारी नया माल मंगवाने से पहले अपने स्टॉक को सेल लगाकर खत्म करने में लगे हुए हैं। इसलिए कोई भी कारोबारी नए सामान के लिए टांसपोर्टरों को बुकिंग नहीं दे रहे है।
केंद्र सरकार के द्वारा लागू किये जा रहे जीएसटी के कारण साइबर सिटी के टांसपोर्टरों का धंधा मंदा हो गया है। दो महीनों से इन्हें कोई नई बुकिंग नहीं मिली है। जिसके कारण पिछले दो महिने से इन्हें घाटे का सामना करना पड़ रहा है।
वहीं टांसपोर्टरों का कहना है कि अभी जीएसटी लागू नहीं हुआ है और व्यापारी वर्ग के लोग अभी इस असमंजस में हैं कि सरकार क्या सर्कुलर जारी करेगी और उन्हें कागजी कार्यवाही क्या करनी होगी।
टांसपोर्टरों के काम पर ज्यादा प्रभाव नहीं
कुछ टांसपोर्टरों का मानना है कि जीएसटी लागू होने से कागजी काम ज्यादा बढ़ जाएगा। जो लोग दो नंबर का काम करते थे जीएसटी लागू होने से उस काम पर बिल्कुल ही रोक लग सकती है।
मोदी टांसपोर्टर कंपनी के संचालक प्रदीप मोदी ने बताया कि टांसपोर्टरों के काम में कोई ज्यादा प्रभाव नहीं पडने वाला है। लेकिन अभी गाड़ी बुकिंग की जो कमी आ रही है इसका कारण ये है कि व्यापारियों के पास पहले से जो माल का स्टॉक बचा हुआ है।
जीएसटी लागू होने के बाद जो माल स्टॉक है उस पर भी जीएसटी के अनुसार सरकार को और टैक्स देना पड़ेगा। जीएसटी लागू होने से पहले ही अपने स्टॉक को समाप्त करने में लगे हुए है। व्यापारियों द्वारा नया माल नहीं मंगवाने के कारण टांसपार्टरों की बुकिंग में कमी आई है। जीएसटी लागू होने के बाद स्थिति पहले जैसी हो जाएगी।