ये पांच मांगें हैं 'आप' में दरार की सबसे बड़ी वजह
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आम आदमी पार्टी के विरोधी खेमे के नेता योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण ने प्रेस कांफ्रेंस करते हुए यह कहा कि वो शुरू से ही पार्टी पर 5 मुद्दों को अमल में लाने को लेकर अड़े हुए हैं।
इन नेताओं ने कहा कि आज तक इन पांच मुद्दों के अलावा उन्होंने कोई मांग ही नहीं की। लेकिन केजरीवाल कैंप ने मुद्दों को छोड़कर बाकी आरोपों को ही जरूरी मान लिया है वो इनकी तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।
इन नेताओं ने यहां तक कहा कि हम जब भी इन महत्वपूर्ण मामलों की बात करते हैं तो हमारे इस्तीफे की मांग की जाती है। अगर पार्टी इनके द्वारा उठाए गए मुद्दों पर अमल करती है तो तीस मिनट के अंदर पार्टी की कार्यकारिणी से इस्तीफा दे देंगे।
पार्टी में स्थापित हो स्वराज
इन नेताओं का कहना है कि उनका पहला मुद्दा पार्टी में स्वराज लाने का है। वह पार्टी में स्वराज की मांग लंबे समय से कर रहे हैं। पार्टी में स्वराज स्थापित हो यह पार्टी के संविधान में भी लिखा है।
राज्य ईकाइयों की स्वायत्तता की मांग स्वराज के अंतर्गत ही की गई है। योगेंद्र व प्रशांत चाहते हैं कि पार्टी का राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार हो और राजकीय ईकाइयों को अपने फैसले स्वयं करने का अधिकार मिले।
योगेंद्र यादव कहते हैं कि राज्य ईकाइयों को इतनी स्वतंत्रता तो मिले ही कि वो पंचायत स्तर और नगपालिका स्तर के फैसले खुद कर सके। वहां चुनाव लड़ने के लिए खुद अपने उम्मीदवार का चयन कर सकें। प्रशांत बोले कि कहीं ऐसा न हों कि हम सपा-बसपा जैसे क्षेत्रीय दल बनकर रह जाएं।
आंतरिक लोकपाल से हो इन चार मुद्दों पर जांच
योगेंद्र और प्रशांत जिस दूसरे मुद्दे पर पार्टी में बगावत का सुर बुलंद किए हुए हैं वो पार्टी के आंतरिक लोकपाल से किसी गड़बड़ी की जांच का है। दोनों नेताओं का कहना है कि वो चाहते हैं कि पार्टी कम से कम इन चार मुद्दों पर पार्टी के आंतरिक लोकपाल से जांच जरूर कराए।
पार्टी के इन दोनों नेताओं ने कहा कि ये हैं वो चार मुद्दे
(1) 2015 के दिल्ली चुनाव से पहले आवाम द्वारा उठाए गए 2 करोड़ के चंदे वाले चेक मामले की जांच; (2) 2015 के ही चुनाव से पहले सामने आए उत्तम नगर में पकड़े गए शराब का मामला, जिसमें विधायक नरेश बालियान का नाम सामने आया था; (3) आप के विधी मंत्री की फर्जी डिग्री की जांच का मामला
(4) पिछले साल फरवरी में सरकार गिरने के बाद आप द्वारा विधायकों की खरीद फरोख्त के मामले में भी जांच की बात कही है। इसी मुद्दे के कारण पार्टी की बड़ी नेता अंजलि दमानिया ने पिछले दिनों पार्टी से इस्तीफा दे दिया था और इस मामले में जांच की मांग की थी।
वॉलेंटियरों का हो पूरा सम्मान
जिस तीसरे मुद्दे को योगेंद्र और भूषण अमल में लाने की मांग कर रहे हैं वो कार्यकर्ताओं की पार्टी में सही जगह निर्धारितकरने कहा है। दोनों नेताओं की मांग है कि पार्टी के वॉलेंटियर जो पार्टी के प्राण हैं उनकी बात प्रमुखता से सुनी जाए।
वॉलेंटियर चाहे छोटा हो या बड़ा सबकी पार्टी में भागीदारी हो। योगेंद्र यादव ने ये भी कहा कि सबको वोटिंग का अधिकार मिले चाहे उसकी बात मानी जाए या नहीं पर उन्हें नजरअंदाज न किया जाए।
इन दोनों ही नेताओं का मानना है कि आम आदमी पार्टी को चलाने में वॉलेंटियरों का बड़ा योगदान है। वो नहीं चाहते कि आम आदमी पार्टी कांग्रेस और बीजेपी की तरह अपने कार्यकर्ताओं को केवल चुनाव से एक महीने पहले याद करे।
लागू हो आरटीआई और भरे जाएं रिक्त पद
चौथा मुद्दा पार्टी में पारदर्शिता का है। यादव और भूषण की मांग है कि हम अन्य पार्टियों की तरह गुपचुप तरीके से कोई काम नहीं करे और जो भी फैसला पार्टी में लिया जाए उसकी जानकारी सारे कार्यकर्ताओं को होनी चाहिए।
इन नेताओं का कहना है कि पार्टी आरटीआई के दायरे मे लाया जाए जिससे इस कानून का फायदा लेकर पार्टी के बारे में कुछ भी जानकारी हासिल की जा सके। इनका कहना है कि वो पहले भी पार्टी की सभी बैठकों को ऑनलाइन करने की पहले भी मांग की थी जिसे आप ने मान लिया है।
इसके साथ ही इन दोनों नेताओं की पांचवी मांग राष्ट्रीय कार्यकारिणी में रिक्त पदों को भरने की है। यादव ने कहा कि वो चाहते हैं कि पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारिणी में पिछले दो साल से जो पद रिक्त पड़े हैं उन्हें भरा जाए। गुप्त बैलट के जरिए पार्टी की कार्यकारिणी में जो जगह है वहां नियुक्ति की जाए।