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रेलवे के इन जवानों को वर्दी के लिए मिलते हैं 47 रुपए
भोला पांडेय/अमर उजाला, फरीदाबाद
Updated Tue, 20 Jan 2015 05:37 AM IST
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देश की जीवन रेखा कही जाने वाली रेलवे अपने सुरक्षाकर्मियों को वर्दी सिलाई के नाम पर सिर्फ 47 रुपये देती है। ये सुनकर आपको आश्चर्य होगा, लेकिन यह हकीकत है।
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खुद आरपीएफ एसोसिएशन की मांगपत्र में इसका खुलासा हुआ है। बल के कमांडेंट का कहना है कि यह पॉलिसी मैटर है। रेलवे बोर्ड इसे निर्धारित करता है।
ज्ञात हो कि केंद्र सरकार ने रेलवे और उसकी संपत्तियों की सुरक्षा के लिए वर्ष 1957 में रेलवे सुरक्षा बल की स्थापना की थी। वर्तमान में इसमें सुरक्षाकर्मियों की संख्या 65,000 के करीब है। अगर हम दिल्ली डिवीजन की बात करें तो दिल्ली ईस्ट में 1150 सुरक्षाकर्मी और वेस्ट में सुरक्षा जवानों की संख्या 950 है। इस बल को रेलवे प्रति वर्ष वर्दी के कपड़े तो देती है, लेकिन उसकी सिलाई के नाम पर भद्दा मजाक किया जाता है।
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महंगाई के इस दौर में जवानों को वर्दी भत्ता के नाम पर सिर्फ 47 रुपये ही दिए जाते हैं। आश्चर्य की बात यह है कि जब 47 रुपये में एक बनियान भी नहीं मिलता तो वर्दी की सिलाई कैसे संभव है, यह सोचने वाली बात है।
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छठे वेतन आयोग से मिलना शुरू हुआ भत्ता
ऑल इंडिया आरपीएफ एसोसिएशन दिल्ली ईस्ट मंडल के मंत्री वीरपाल सिंह ने बताया कि पहले वर्दी की सिलाई भी नहीं मिलती थी, लेकिन वर्ष 2006 में लागू छठे वेतन आयोग के बाद वेतन में जुड़कर 47 रुपये आने लगा। उनका यह भी आरोप है कि वर्दी का कपड़ा भी समय पर नहीं मिलता, सिलाई की बात को दूर की है। आज के समय को देखें को वर्दी की सिलाई 1000 रुपये से 1200 लगते हैं। ऐसे में 47 रुपये मिलना किसी मजाक से कम नहीं है।
एसोसिएशन के पोस्टर में किया गया है उल्लेख
-पिछले दिनों दिल्ली में हुई एसोसिएशन की बैठक में गृहमंत्री राजनाथ सिंह और रेल मंत्री सुरेश प्रभु के सामने इस मुद्दे को रखा गया है। फरीदाबाद सेक्शन में भी कई जगह इसके पोस्टर लगाए गए हैं जिसमें वर्दी सिलाई के 47 रुपये को बढ़ाकर कम से कम 500 रुपये करने की मांग की गई है।