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3 मिनट में गिरी 3 मंजिला इमारत, मुश्किल से परिवार वालों ने बचाई अपनी जान
ब्यूरो, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
Updated Thu, 26 Jul 2018 08:39 PM IST
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Noida building
सूरजपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव मुबारकपुर में तीन मंजिला मकान ढह गया। परिवार के मुखिया की सजगता से सभी नौ सदस्यों की जान बच गई। बृहस्पतिवार सुबह करीब छह बजे मकान ढहने से पहले दीवार गिरने पर मुखिया ने शोर मचाकर परिवार के सभी लोगों को बाहर निकाला।
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सबके निकलते ही पूरा मकान भरभराकर गिर गया। हादसे से पूरा परिवार बेघर हो गया और उनके घर में रखा जीवन यापन करने का सामान भी मलबे में दब गया। पीड़ितों का दावा है कि मकान के बराबर खाली पड़ी जमीन में बारिश का पानी भरने की वजह से हादसा हुआ।
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मूलरूप से बदायूं निवासी ओमपाल ने बताया कि वह कई वर्ष से एक निजी कंपनी में नौकरी करते हैं। उनकी पत्नी, ट्रांसपोर्ट कंपनी में काम करने वाला बड़ा बेटा हीरेश, उसकी पत्नी नीलम, तीन बच्चे, छोटा बेटा गोविंद, उसकी पत्नी शिवानी अपने एक बेटे के साथ मुबारकपुर गांव के मकान में रहते थे।
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ओमपाल ने बताया कि उन्होंने छह वर्ष पहले प्लॉट खरीदकर तीन मंजिल का मकान बनाया था। उसके मकान के बराबर स्थित खाली पड़ी भूमि पर बारिश का पानी भरा हुआ था। बृहस्पतिवार सुबह लगभग छह बजे खाली जमीन के साथ बनी दीवार अचानक गिर गई। दीवार गिरते ही उसे बड़े हादसा होने की आशंका होने लगी और उसने परिवार के लोगों को बाहर निकलने के लिए शोर मचा दिया।
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सड़क पर आया बेबस परिवार
सभी लोग बच्चों को गोद में लेकर बाहर आ गई। चंद मिनटों में उनका मकान भरभराकर गिर गया। सूचना पर पुलिस व मोहल्ले के लोग मौके पर पहुंचे और मलबे में दबे सामान को बाहर निकालने लगे। पीड़ित परिवार ने भूमि के मालिक पर कार्रवाई व मुआवजे की मांग की है।
सड़क पर आया बेबस परिवार
हादसे के बाद नौ सदस्यों का परिवार बेबस हो गया। परिवार के पुरुष इधर-उधर भटककर रहे थे, तो परिवार की महिलाएं व बच्चे किसी दूसरे के मकान के बाहर खाट पर बैठकर प्रशासनिक मदद की राह देख रहे थे। वहीं, गांव के लोग मलबे में दबा क्षतिग्रस्त सामान को निकालकर रख रहे थे।
अन्य मकानों पर भी खतरा, तीन घर हुए खाली
मुबारकपुर गांव में हादसे के बाद अन्य परिवारों में भी दहशत है। खास तौर पर जिस भूमि पर पानी भरा है। उसके किनारे बने मकानों में रहने वाले लोगों में काफी चिंतित हैं। इसके चलते ओमपाल के पड़ोस में रहने वाले लोग अपने मकान से बाहर निकल आए।
मदद न मिलने से लोगों में रोष
प्रशासनिक मदद न मिलने से लोगों में रोष व्याप्त है। लोगों का कहना है कि प्रशासन ने मदद तो दूर मलबा हटाकर उनका सामान हटाने की भी जहमत नहीं उठाई। इससे चलते ग्रामीणों को स्वयं मलबा हटाकर पीड़ित परिवार का सामान बाहर निकालना पड़ा। ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार को हर संभव मदद का आश्वासन भी दिया है।
सड़क पर आया बेबस परिवार
हादसे के बाद नौ सदस्यों का परिवार बेबस हो गया। परिवार के पुरुष इधर-उधर भटककर रहे थे, तो परिवार की महिलाएं व बच्चे किसी दूसरे के मकान के बाहर खाट पर बैठकर प्रशासनिक मदद की राह देख रहे थे। वहीं, गांव के लोग मलबे में दबा क्षतिग्रस्त सामान को निकालकर रख रहे थे।
अन्य मकानों पर भी खतरा, तीन घर हुए खाली
मुबारकपुर गांव में हादसे के बाद अन्य परिवारों में भी दहशत है। खास तौर पर जिस भूमि पर पानी भरा है। उसके किनारे बने मकानों में रहने वाले लोगों में काफी चिंतित हैं। इसके चलते ओमपाल के पड़ोस में रहने वाले लोग अपने मकान से बाहर निकल आए।
मदद न मिलने से लोगों में रोष
प्रशासनिक मदद न मिलने से लोगों में रोष व्याप्त है। लोगों का कहना है कि प्रशासन ने मदद तो दूर मलबा हटाकर उनका सामान हटाने की भी जहमत नहीं उठाई। इससे चलते ग्रामीणों को स्वयं मलबा हटाकर पीड़ित परिवार का सामान बाहर निकालना पड़ा। ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार को हर संभव मदद का आश्वासन भी दिया है।