बंद हो चुकी वेबवर्क कंपनी में भी लोग लगा रहे पैसे, 20 लाख के ड्राफ्ट मिले
-शुक्रवार को पुलिस गई थी कंपनी में जांच करने
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क्लिक का गोरखधंधा करने वाली वेबवर्ककंपनी के मालिक अनुराग गर्ग व संदेश वर्मा को एक माह पहले गिरफ्तार कर पुलिस कंपनी बंद करा चुकी है। बावजूद कंपनी से जुड़ने के लिए नए निवेशकों का उत्साह कम नहीं हो रहा है।
नोएडा पुलिस को शुक्रवार को बंद हो चुकी वेबवर्ककंपनी से 20 लाख रुपये के ड्राफ्ट बरामद हुए हैं। थाना सेक्टर-20 पुलिस ने सभी ड्रॉफ्ट जब्त कर लिए हैं। एसपी सिटी दिनेश यादव ने बताया कि फर्जीवाड़े की जांच कर रही थाना सेक्टर-20 पुलिस शुक्रवार को सेक्टर-2 स्थित वेबवर्ककंपनी के ऑफिस गई थी।
हां गार्ड ने पुलिस को जानकारी दी कि कंपनी में काफी संख्या में कुरियर आए हुए हैं। पुलिस ने सभी कुरियर जब्त कर उनकी जांच की तो उसमें 50 से ज्यादा ड्राफ्ट भी बरामद हुए। इन ड्रॉफ्ट की कुल धनराशि लगभग 20 लाख रुपये है।
एसपी सिटी के अनुसार ये ड्रॉफ्ट कंपनी के निवेशकों द्वारा कुरियर के जरिए भेजे गए हैं। सभी ड्रॉफ्ट अलग-अलग बैंक से बनवाए गए हैं। जिस व्यक्ति को ड्रॉफ्ट वापस चाहिए वह कोर्ट में अपील कर उन्हें वापस प्राप्त कर सकता है।
अब भी चल रही है एड्सबुक वेबसाइट
अनुराग गर्ग व संदेश वर्मा की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने वेबवर्ककंपनी की वेबसाइट तो बंद करा दी, लेकिन इनके वेब पोर्टल 222.ड्डस्रह्यड्ढशशद्म.ष्शद्व को बंद नहीं कराया गया। ये वेब पोर्टल अब भी चल रहा है।
इसका ऑफिस भी सेक्टर-2 स्थित वेबवर्क के ऑफिस केसाथ ही था। वेबवर्क सील होने से एड्स बुक का ऑफिस भी बंद हो चुका है। शायद यही वजह है कि निवेशक अब भी मान रहें हैं कि कंपनी चल रही है।
एसएमएस से टीडीएस का पैसा मांगा था
गिरफ्तारी के बाद आरोपियों की तरफ से इनके एक साथी ने निवेशकों को बल्क मैसेज भेजकर कंपनी के पास जमा उनकी रकम लौटाने का झांसा दिया था। मैसेज में निवेशकों से इसके लिए कंपनी के पास जमा रकम का 12 फीसदी आयकर विभाग में टीडीएस जमा कराने के लिए मांगा गया था।
रकम वापस करते समय निवेशकों को टीडीएस के लिए जमा रकम भी वापस करने का लालच दिया गया था। साथ ही बल्क मैसेज में निवेशकों से कहा गया था कि कंपनी सभी लोगों को पैसे वापस नहीं कर सकती, इसलिए चुनिंदा लोगों को पैसे वापस किए जा रहे हैं।
लिहाजा निवेशक इस संबंध में किसी से चर्चा न करें। माना जा रहा है कि कंपनी ने इस बहाने निवेशकों को व्यक्तिगत रूप से जाल में फंसाने की साजिश रची थी। हो सकता है वेबवर्क कंपनी से बरामद चेक इसीलिए निवेशकों द्वारा भेजे गए हों।
नोएडा पुलिस द्वारा बल्क मैसेज भेजे जाने की जानकारी मिलने के बावजूद इस दिशा में कोई जांच नहीं की गई। ऑनलाइन लाइक के नाम पर 242 करो? की ठगी करने वाली वेबवर्क कंपनी बंद हो चुकी हैं बाजवदू इसके लोग अभी भी इस कंपनी में निवेश कर रहे हैं।
आपको बता दें कि बंद कंपनी में पुलिस को कोरियर से आए 50 ष्ठष्ठ मिले हैं जिनकी जिसकी रकम लगभग बीस लाख रुपये है। और यह सभी डीडी अलग अलग जगह से कोरियर के माध्यम से कंपनी तक पहुँच हैं।
करोड़ो रुपये का फ्रॉड करनी वाली वेबवर्क कंपनी अब बंद हो चुकी हैं और इस कंपनी में लाखों लोगों का पैसा लगा हुआ हैं जोकि अब डूबता नजर आ रहा हैं। बावजूद इसके लोग अभी भी बंद कंपनी में अपना पैसा लगा रहे हैं।
यह बात तब सामने आई जब पुलिस को कंपनी में 20 लाख रुपये के 50 डीडी मिले। और यह सभी डीडी अलग-अलग क्षेत्र के हैं कोई हरियाणा का हो तो कोई दिल्ली, उत्तर प्रेदश समेत और भी जगह से लोग इस कंपनी में निवेश कर रहे हैं।
सोचने वाली बात यह हैं कि कंपनी फ्रॉड साबित हो चुकी हैं उसके मालिक जेल जा चुके हैं फिर भी लोग अपना पैसा इस कंपनी में लगा रहे हैं। वहीं पुलिस ने सभी डीडी को जब्त कर लिया हैं और कहा है कि अगर किसी को अपना डीडी वापस चाहिए तो वह कोर्ट में जाए।