फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   1984 anti-Sikh riots Statement of former DSGMC president recorded against Jagdish Tytler

1984 सिख विरोधी दंगे: जगदीश टाइटलर के खिलाफ पूर्व डीएसजीएमसी अध्यक्ष का बयान दर्ज, जानें क्या हुआ आज

Fri, 04 Apr 2025 10:57 AM IST
विजय पुंडीर एएनआईस, नई दिल्ली
एएनआईस, नई दिल्ली Published by: विजय पुंडीर Updated Fri, 04 Apr 2025 10:57 AM IST
सार

-1984 सिख विरोधी दंगा मामले पर सुनवाई
-जगदीश टाइटलर के खिलाफ गवाह का बयान दर्ज
-एक पेन ड्राइव में टाइटलर की आवाज की रिकॉर्डिंग है

विज्ञापन
1984 anti-Sikh riots Statement of former DSGMC president recorded against Jagdish Tytler
राउज एवेन्यू कोर्ट पहुंचे जगदीश टाइटलर - फोटो : ANI

विस्तार

राउज एवेन्यू कोर्ट ने शुक्रवार को कांग्रेस नेता जगदीश टाइटलर के खिलाफ 1984 के सिख विरोधी दंगों के एक मामले में अभियोजन पक्ष के गवाह के रूप में दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (डीएसजीएमसी) के पूर्व अध्यक्ष मंजीत सिंह जीके का बयान दर्ज किया।

विज्ञापन


विशेष न्यायाधीश जितेन्द्र सिंह के सामने पेश हुए जीके ने कहा कि उन्हें एक पेन ड्राइव मिली है, जिसमें टाइटलर की आवाज की रिकॉर्डिंग है, जिसमें वह दंगों में अपनी भूमिका स्वीकार कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि 2018 में उनके घर पर एक लिफाफा आया था। उसमें एक पत्र और पेन ड्राइव था, जिसे उन्होंने बाद में मामले की जांच कर रही सीबीआई को सौंप दिया था। जीके ने यह भी कहा कि टाइटलर ने मामले के एक गवाह को धमकी दी थी। इसके अलावा, जीके 21 अप्रैल को अपना बयान दर्ज कराएंगे। वहीं, टाइटलर के खिलाफ एजेंसी ने आईपीसी की धारा 147 (दंगा), 109 (उकसाना) और 302 (हत्या) के तहत आरोप लगाए हैं।
विज्ञापन


यह मामला 1984 में राष्ट्रीय राजधानी स्थित गुरुद्वारा पुल बंगश में तीन व्यक्तियों की हत्या से जुड़ा है। न्यायाधीश ने 12 नवंबर 2024 को बादल सिंह की विधवा लखविंदर कौर का बयान दर्ज करना समाप्त कर दिया, जिनकी दंगों के दौरान गुरुद्वारा पुल बंगश में भीड़ में हत्या कर दी गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


अदालत ने पिछले साल 13 सितंबर को टाइटलर के खिलाफ हत्या और अन्य अपराधों के आरोप तय किए थे। एक गवाह ने दावा किया कि टाइटलर 1 नवंबर 1984 को गुरुद्वारे के सामने एक सफेद कार से बाहर आए और समुदाय के खिलाफ भीड़ को उकसाया, जिसके परिणामस्वरूप हत्याएं हुईं।


वर्ष 2023 में एक सत्र अदालत ने टाइटलर को एक लाख रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की जमानत पर अग्रिम जमानत दे दी थी। टाइटलर को अन्य शर्तों के साथ मामले में सबूतों के साथ छेड़छाड़ न करने या अदालत की अनुमति के बिना देश न छोड़ने का निर्देश दिया गया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed