तीन साल में 6121 फ्लैट सौंपे: सुपरटेक का दावा, 15 हजार खरीदार अब भी कर रहे घर का इंतजार; जानें क्या है योजना
सुपरटेक लिमिटेड ने तीन साल में 6,121 फ्लैट सौंपे, लेकिन 15,000 खरीदार अभी भी इंतजार में हैं। कंपनी अगले तीन महीनों में 1,000 और फ्लैट सौंपने की योजना बना रही है।
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दिवालियापन प्रक्रिया का सामना कर रही संकटग्रस्त रियल्टी फर्म सुपरटेक लिमिटेड ने पिछले तीन वर्षों में 6,121 फ्लैट अपने ग्राहकों को सौंपे हैं। कंपनी के पूर्व निदेशक आरके अरोड़ा ने बताया कि ये इकाइयां 16 निर्माणाधीन परियोजनाओं में राष्ट्रीय कंपनी कानून अधिकरण (एनसीएलटी) की ओर से नियुक्त रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल की देखरेख में सौंपी गई हैं। हालांकि, अभी भी 15,000 फ्लैट सौंपे जाने बाकी हैं।
25 मार्च 2022 को एनसीएलटी ने सुपरटेक लि. को कॉर्पोरेट दिवालियापन समाधान प्रक्रिया (सीआईआरपी) में भेजा था। इसके खिलाफ प्रमोटर ने राष्ट्रीय कंपनी कानून अपीलीय अधिकरण (एनसीएलएटी) में अपील दायर की। जून 2022 में एनसीएलएटी ने केवल 'इको विलेज-II' परियोजना के लिए लेनदारों की समिति (सीओसी) गठित करने का निर्देश दिया, जबकि अन्य परियोजनाओं को पूर्व प्रबंधन द्वारा अंतरिम रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल (आईआरपी) की देखरेख में पूरा करने का आदेश दिया गया।
सोमवार को एक बयान में, सुपरटेक लि. के निलंबित बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष आरके अरोड़ा ने कहा कि कंपनी ने 10 जून, 2022 से रिवर्स दिवालियापन के दौरान 16 निर्माणाधीन परियोजनाओं में 6,121 फ्लैट सौंपे हैं। ये परियोजनाएं नोएडा, ग्रेटर नोएडा और मेरठ में हैं। यह उपलब्धि कंपनी के पूर्व प्रबंधन ने रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल की निगरानी में हासिल की है। अरोड़ा ने बताया कि कंपनी अगले तीन महीनों में 1,000 और फ्लैट सौंपने की योजना बना रही है।
सुप्रीम कोर्ट में समाधान योजना पेश
अरोड़ा ने बताया कि सुपरटेक और एपेक्स हाइट्स प्रा. लि. ने संयुक्त रूप से सुप्रीम कोर्ट में 16 निर्माणाधीन परियोजनाओं को सह-डेवलपर के रूप में पूरा करने के लिए एक समाधान योजना पेश की है। इस योजना के तहत, एपेक्स हाइट्स 12 महीनों में 500 करोड़ रुपये का निवेश करेगा। यह निवेश निर्माण कार्य पूरा करने, इकाइयां आवंटियों को सौंपने, और ऋणदाताओं व भूमि प्राधिकरणों को भुगतान करने के लिए होगा।
दो वर्ष में परियोजनाएं पूरी करने का लक्ष्य ः अरोड़ा ने कहा कि यदि सुप्रीम कोर्ट इस संयुक्त समाधान योजना को मंजूरी देता है, तो सभी 16 परियोजनाएं दो वर्षों में पूरी हो सकती हैं। यह खरीदारों के लिए एक बड़ी राहत होगी, जो लंबे समय से अपनी इकाइयों का इंतजार कर रहे हैं। इस योजना से कंपनी की वित्तीय स्थिति को भी स्थिर करने में मदद मिल सकती है।
सुपरनोवा परियोजना पर एनसीएलएटी का फैसला
पिछले महीने, एनसीएलएटी ने सुपरटेक ग्रुप की कंपनी, सुपरटेक रियल्टर्स के खिलाफ दिवालियापन कार्यवाही का रास्ता साफ किया। यह कंपनी नोएडा में सुपरनोवा परियोजना विकसित कर रही है, जिसमें आवासीय फ्लैट, कार्यालय, रिटेल स्थान और एक लक्जरी होटल शामिल हैं। भविष्य पर और स्पष्टता की उम्मीद है।
सुपरटेक की यह प्रगति उन खरीदारों के लिए उम्मीद की किरण है, जो वर्षों से अपने घर का इंतजार कर रहे हैं। कंपनी का अगले तीन महीनों में 1,000 और फ्लैट सौंपने का लक्ष्य और सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तुत समाधान योजना खरीदारों को राहत दे सकती है। हालांकि, 15,000 फ्लैट के सौंपे जाने का इंतजार अभी भी एक बड़ी चुनौती है।