{"_id":"6ae350184ed966cda707598b","slug":"eyes-longed-for-a-glimpse-of-the-moon-married-women-observed-a-waterless-fast-for-the-long-life-of-their-husbands-delhi-ncr-news-c-503-1-del1005-2598-2026-10-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi NCR News: चांद की झलक को तरसीं आंखें, पति की लंबी उम्र के लिए सुहागिनों ने रखा निर्जला व्रत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi NCR News: चांद की झलक को तरसीं आंखें, पति की लंबी उम्र के लिए सुहागिनों ने रखा निर्जला व्रत
विज्ञापन
-पूरे दिन निर्जला रहकर महिलाओं ने की पति की दीर्घायु की कामना
-चांद के दीदार के लिए आसमान पर टिकी रहीं निगाहें
संवाद न्यूज एजेंसी
पूर्वी दिल्ली।
राजधानी में गुरुवार को करवाचौथ का पर्व श्रद्धा, आस्था और उल्लास से मना। पति की लंबी उम्र और सुखी जीवन की कामना के लिए सुहागिन महिलाओं ने पूरे दिन निर्जला व्रत रखा। सुबह से ही आसमान में छाए बादलों ने रात को चांद के दीदार का इंतजार लंबा कर दिया। चांद निकलने के निर्धारित समय के बाद भी बादलों के कारण उसके दर्शन नहीं हो पाने से व्रती महिलाओं को काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। हालांकि, इस इंतजार के बीच भी महिलाओं की आस्था और उत्साह में कोई कमी नजर नहीं आई।
हिंदू परंपरा में करवाचौथ का विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है। इस दिन सुहागिन महिलाएं सुबह से ही व्रत रखकर अपने पति की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि की कामना करती हैं। पर्व को लेकर महिलाओं में खासा उत्साह देखने को मिला। महिलाओं ने हाथों में मेहंदी रचाई, सोलह शृंगार किया और दुल्हन की तरह सज-धजकर पूजा-अर्चना की। दिनभर निर्जला रहने के बाद शाम को विधि-विधान से पूजा की गई और फिर सभी को चांद निकलने का इंतजार रहा।
बादलों के बीच टिकी रहीं निगाहें : आसमान में छाए घने बादलों ने करवाचौथ की रात को महिलाओं के लिए इंतजार भरा बना दिया। चांद निकलने की सूचना के बावजूद बादलों की ओट के कारण कई महिलाएं उसके स्पष्ट दर्शन नहीं कर सकीं। छतों और खुले स्थानों पर महिलाएं आसमान की ओर निगाहें लगाए रहीं। छलनी में दीपक रखकर चांद और फिर पति के दर्शन करने की पारंपरिक रस्म निभाने के लिए महिलाएं बेसब्री से इंतजार करती रहीं। परंपरा के अनुसार, चांद के दर्शन और पूजा के बाद महिलाएं अपने पति को छलनी से देखकर व्रत खोलती हैं। इसके बाद पति अपनी पत्नी को पानी पिलाकर व्रत का पारण कराते हैं। दिनभर की भूख-प्यास और चांद के इंतजार के बावजूद महिलाओं का कहना था कि पति की लंबी उम्र की कामना के सामने यह कठिनाई छोटी है।
विज्ञापन
आसमान में बादल छाए होने के कारण चांद निकलने के काफी देर बाद तक भी उसके दर्शन नहीं हो सके। पूरे दिन निर्जला व्रत रखने के बाद भी मन में उत्साह बना हुआ है। पति की लंबी उम्र और सुखी जीवन की कामना के लिए वे और देर तक इंतजार करने को तैयार हैं। -नेहा गुप्ता
चांद निकल चुका है, लेकिन बादलों के कारण अभी तक उसके दर्शन नहीं हो पाए हैं। पूरे दिन निर्जला रहने के बाद अब उन्हें चांद देखने और अपने सुहाग की लंबी उम्र के लिए रखे गए व्रत को पूरा करने का बेसब्री से इंतजार है। - शिवानी
विज्ञापन
-चांद के दीदार के लिए आसमान पर टिकी रहीं निगाहें
संवाद न्यूज एजेंसी
पूर्वी दिल्ली।
राजधानी में गुरुवार को करवाचौथ का पर्व श्रद्धा, आस्था और उल्लास से मना। पति की लंबी उम्र और सुखी जीवन की कामना के लिए सुहागिन महिलाओं ने पूरे दिन निर्जला व्रत रखा। सुबह से ही आसमान में छाए बादलों ने रात को चांद के दीदार का इंतजार लंबा कर दिया। चांद निकलने के निर्धारित समय के बाद भी बादलों के कारण उसके दर्शन नहीं हो पाने से व्रती महिलाओं को काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। हालांकि, इस इंतजार के बीच भी महिलाओं की आस्था और उत्साह में कोई कमी नजर नहीं आई।
हिंदू परंपरा में करवाचौथ का विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है। इस दिन सुहागिन महिलाएं सुबह से ही व्रत रखकर अपने पति की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि की कामना करती हैं। पर्व को लेकर महिलाओं में खासा उत्साह देखने को मिला। महिलाओं ने हाथों में मेहंदी रचाई, सोलह शृंगार किया और दुल्हन की तरह सज-धजकर पूजा-अर्चना की। दिनभर निर्जला रहने के बाद शाम को विधि-विधान से पूजा की गई और फिर सभी को चांद निकलने का इंतजार रहा।
विज्ञापन
बादलों के बीच टिकी रहीं निगाहें : आसमान में छाए घने बादलों ने करवाचौथ की रात को महिलाओं के लिए इंतजार भरा बना दिया। चांद निकलने की सूचना के बावजूद बादलों की ओट के कारण कई महिलाएं उसके स्पष्ट दर्शन नहीं कर सकीं। छतों और खुले स्थानों पर महिलाएं आसमान की ओर निगाहें लगाए रहीं। छलनी में दीपक रखकर चांद और फिर पति के दर्शन करने की पारंपरिक रस्म निभाने के लिए महिलाएं बेसब्री से इंतजार करती रहीं। परंपरा के अनुसार, चांद के दर्शन और पूजा के बाद महिलाएं अपने पति को छलनी से देखकर व्रत खोलती हैं। इसके बाद पति अपनी पत्नी को पानी पिलाकर व्रत का पारण कराते हैं। दिनभर की भूख-प्यास और चांद के इंतजार के बावजूद महिलाओं का कहना था कि पति की लंबी उम्र की कामना के सामने यह कठिनाई छोटी है।
विज्ञापन
आसमान में बादल छाए होने के कारण चांद निकलने के काफी देर बाद तक भी उसके दर्शन नहीं हो सके। पूरे दिन निर्जला व्रत रखने के बाद भी मन में उत्साह बना हुआ है। पति की लंबी उम्र और सुखी जीवन की कामना के लिए वे और देर तक इंतजार करने को तैयार हैं। -नेहा गुप्ता
चांद निकल चुका है, लेकिन बादलों के कारण अभी तक उसके दर्शन नहीं हो पाए हैं। पूरे दिन निर्जला रहने के बाद अब उन्हें चांद देखने और अपने सुहाग की लंबी उम्र के लिए रखे गए व्रत को पूरा करने का बेसब्री से इंतजार है। - शिवानी