दस मुद्दों पर होगी दिल्ली की सियासी जंग
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
1. दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा। दिल्ली में बहुनिकाय व्यवस्था है। राज्य सरकार के अधीन डीडीए न होने से जमीन पर फैसला राज्य सरकार नहीं ले पाती।
2. कानून व्यवस्था। केंद्र के नियंत्रण में दिल्ली पुलिस पर राज्य सरकार का अधिकार नहीं है।
3. भ्रष्टाचार। पुलिस के साथ दूसरी नागरिक सुविधा मुहैया कराने वाली एजेंसियों में भ्रष्टाचार का बोलबाला।
4. सस्ती बिजली। पिछली बार पचास फीसदी सस्ती बिजली के वायदे के साथ आम आदमी पार्टी की सरकार आई थी।
5. पेयजल और सीवर सिस्टम दुरुस्त नहीं। दिल्ली की बड़ी आबादी में पाइप लाइन से पानी की सप्लाई नहीं होती। हरियाणा सरकार मुनक नहर में पानी छोड़ने से इनकार करती रही है। हल्की सी बारिश में सड़कों पर जलभराव हो जाता है। निकलना मुश्किल हो जाता है।
अनधिकृत कॉलोनियों की बहुतायत
6. गांव-देहात की समस्याएं। जमीन अधिग्रहण के मसले पर गांव के किसान सहमत नहीं।
7. प्रदूषित यमुना। यमुना नदी की सफाई राज्य सरकार के लिए चुनौती है। दो एक्शन प्लान पूरे होने के बाद भी यमुना की हालत में सुधार नहीं।
8. ट्रैफिक जाम। फ्लाईओवर का शतक लगाने जा रही राजधानी में आवाजाही बाधित रहती है। अहम सड़कें पीक आवर्स में रहती हैं जाम।
9. अनधिकृत कॉलोनियों की बहुतायत। बुनियादी सुविधाओं के विकास में बहुत सी अड़चनें।
10. बच्चों का दाखिला। दिल्ली के पब्लिक स्कूलों में दाखिले के दौरान रहती मारामारी। अभिभावकों को मनचाहे स्कूल में नहीं मिलता दाखिला।