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जाट आंदोलन प्रभावित जिलों में सरकार ने लगवाए 1.46 लाख करोड़

Fri, 11 Mar 2016 10:55 AM IST
ओम प्रकाश/अमर उजाला, फरीदाबाद
ओम प्रकाश/अमर उजाला, फरीदाबाद Updated Fri, 11 Mar 2016 10:55 AM IST
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1.46 lakh investment in haryana
Jat Agitation

आजादी के 69 साल बाद भी विकास का इंतजार कर रहे मेवात को ग्लोबल इन्वेस्टर समिट से कुछ नहीं मिला, जबकि सरकार ने समिट के जरिये विभिन्न कंपनियों के साथ रिकार्ड 5.84 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों का एमओयू साइन किया है। किसी भी निजी कंपनी या मंत्रालय ने मेवात में कोई बड़ा प्रोजेक्ट लगाने में रुचि नहीं दिखाई।

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मेवात प्रदेश का सबसे पिछड़ा जिला है। इससे पिछड़ेपन को लेकर मुख्यमंत्री मनोहर लाल भी चिंता व्यक्त कर चुके हैं। मेवात के लोगों का कहना है कि उनके लिए तो यह सरकार भी बेवफा निकली, जबकि आरक्षण आंदोलन में बुरी तरह से प्रभावित जिलों रोहतक, झज्जर और सोनीपत में भी सरकार ने करीब 1.46 लाख करोड़ रुपये निवेश की 19 परियोजनाएं स्थापित करने के लिए 37 एमओयू साइन किए हैं।
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मेवात में 80 फीसदी आबादी मुस्लिम है। यह जिला करीब 11 साल पहले गुड़गांव का हिस्सा हुआ करता था, फिर भी यहां निवेशक नहीं जाना चाहते। जानकारों का कहना है कि इस जिले के पिछड़ेपन के पीछे बुनियादी सुविधाओं की कमी, अपराध को लेकर खराब छवि, अशिक्षा और राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी बड़ी वजह है। पिछले करीब सात दशक में गुड़गांव, फरीदाबाद सहित अन्य जिलों का विकास तो हुआ लेकिन मेवात पिछड़ा रहा। खासकर औद्योगिक रूप से।
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गुड़गांव का विस्तार सोहना तक हो गया है लेकिन सोहना से आगे मेवात जिला शुरू होते ही पता चलता है कि हम किसी पिछड़े जिले में आ गए। मेवात जिले में सोहना से सटे रोजकामेव में इंडस्ट्रियल मॉडल टाउनशिप (आईएमटी) बन गई है लेकिन अब तक वहां निवेशक नहीं आ रहे हैं। पूर्व परिवहन मंत्री आफताब अहमद का कहना है कि 1500 एकड़ में रोजकामेव आईएमटी तैयार है फिर भी सरकार वहां किसी से निवेश नहीं करवा पा रही है यह दुर्भाग्यपूर्ण है। 

मेवात की प्रति व्यक्ति आय गुड़गांव की प्रतिव्यक्ति आय का 10वां हिस्सा है, जबकि यह एक साथ लगते जिले हैं। पिछली सरकार की अविवेकी नीतियों के कारण ही विभिन्न क्षेत्रों में भेदभाव बढ़ा है। वर्तमान सरकार इस खाई को पाटने की कोशिश करेगी।- मनोहरलाल, मुख्यमंत्री (इन्वेस्टर समिट में 8 मार्च को कहा)


सरकार विभिन्न कंपनियों के साथ समझौता कर रही है लेकिन अभी तक ज्यादातर ने निवेश के लिए लोकेशन तय नहीं की है। यह कंपनी का अपना निर्णय है कि वह कहां निवेश करेगी। सरकार इसके लिए दबाव नहीं डालती। केएमपी बन जाने के बाद ही यहां पर निवेशकों के आने की उम्मीद है।- दीपक जैन, स्वतंत्र निदेशक, हरियाणा स्टेट इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन

4.46 लाख : गुड़गांव की प्रति व्यक्ति आय
45,934 (प्रदेश में सबसे कम) : मेवात की प्रति व्यक्ति आय 
1.63 लाख : फरीदाबाद की प्रति व्यक्ति आय
1860 वर्ग किलोमीटर : मेवात का कुल एरिया

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