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सहकारी संस्थाओं का विरोध सिर्फ राजनीतिः आर्य
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
Updated Thu, 18 Feb 2016 02:58 AM IST
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सहकारिता मंत्री यशपाल आर्य की मानें तो निबंधक संपर्क कार्यालय को अल्मोड़ा शिफ्ट करने के विरोध के पीछे सिर्फ सहकारिता में कुछ लोगों की अपनी राजनीति चमकाने की मंशा है। संपर्क कार्यालय मुद्दा नहीं है। वे मुख्यमंत्री से इस मामले में बात करेंगे। जरूरत पड़ी तो देहरादून या पौड़ी में कार्यालय स्थापित किया जा सकता है।
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तालाबंदी को बताया राजनीति
सहकारी संस्थाओं की स्वायत्तता और निबंधक संपर्क कार्यालय दून से अल्मोड़ा शिफ्ट करने के विरोध में जिला सहकारी बैंकों के चेयरमैन 20 फरवरी से तालाबंदी का एलान कर चुके हैं। बुधवार को सहकारिता मंत्री यशपाल आर्य ने इस मामले को राजनीति से प्रेरित करार दिया। आर्य ने कहा कि यह कुछ लोगों की राजनीति का मामला है।
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उन्होंने कहा कि संपर्क कार्यालय को स्थानांतरित करने का कोई मुद्दा नहीं है। हालांकि आर्य का जोर पौड़ी में कार्यालय स्थापित करने पर अधिक था। आर्य के रुख से यह भी संकेत मिल रहा है कि यह विवाद जल्द समाप्त होने वाला नहीं है। सहकारी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपनिबंधक कार्यालय पौड़ी में स्थापित किए जाने का भी विरोध कर रहे हैं। इनका कहना है कि निबंधक दून में है तो संपर्क कार्यालय कहीं और स्थापित करने का औचित्य क्या है।
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स्वायत्ता पर भी अलग सुर
दूसरी तरफ, निबंधक विजय ढौंडियाल ने सहकारी संस्थाओं के स्वायत्तता के सवाल को भी सिरे से खारिज किया। निबंधक ने कहा कि संविधान के 97वें संशोधन प्रदेश में लागू है। इसके बाद स्वायत्तता का सवाल रह ही नहीं जाता। उधर, सहकारी समितियों का कहना है कि संस्थाओं को स्वायत्तता है तो हर छोटी-बड़ी बात के लिए निबंधक संस्थाओं पर आदेश क्यों थोपते हैं।