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Dehradun: प्रदूषण का पर्याय पुरानी सिटी बस-विक्रम से मिलेगी राहत, नए मानकों का वाहन खरीदने का रास्ता साफ
Thu, 05 Jun 2025 01:41 PM IST
रेनू सकलानी
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
Published by: रेनू सकलानी
Updated Thu, 05 Jun 2025 01:41 PM IST
सार
नए बदलावों के तहत अब उत्तराखंड क्लीन मोबिलिटी ट्रांजिशन फंड के नाम से सिंगल नोडल अकाउंट (एसएनए) खाता खोले जाने को मंजूरी दी गई है। इस मंजूरी से लाभार्थियों को सब्सिडी का लाभ देने में आसानी होगी।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
राजधानी में पर्यावरण प्रदूषण का पर्याय बने वर्षों पुराने पुराने डीजल विक्रम और सिटी बसों से अब राहत मिल सकेगी। सरकार ने इन्हें हटाकर नए मानकों का वाहन खरीदने वालों को 50 प्रतिशत सब्सिडी का रास्ता साफ कर दिया है। उत्तराखंड स्वच्छ गतिशीलता परिवर्तन नीति के खाते संबंधी अड़चन को कैबिनेट ने बुधवार को हटा दिया।
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सरकार ने उत्तराखंड स्वच्छ गतिशीलता परिवर्तन नीति, 2024 में लागू की थी। इसके तहत सब्सिडी देने के लिए उत्तराखंड क्लीन मोबिलिटी ट्रांजिशन फंड के नाम से एस्क्रो खाते का संचालन होना था लेकिन इसमें कुछ तकनीकी दिक्कतें थीं। इस कारण लाभ नहीं मिल पाया। नए बदलावों के तहत अब उत्तराखंड क्लीन मोबिलिटी ट्रांजिशन फंड के नाम से सिंगल नोडल अकाउंट (एसएनए) खाता खोले जाने को मंजूरी दी गई है। इस मंजूरी से लाभार्थियों को सब्सिडी का लाभ देने में आसानी होगी।
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उत्तराखंड स्वच्छ गतिशीलता परिवर्तन नीति, 2024 में संशोधन होने से राजधानी के सिटी बस, विक्रम संचालकों को अपना वाहन स्क्रैप में देने, नया सीएनजी या बीएस-6 मानकों का वाहन खरीदने पर दामों में 50 प्रतिशत सब्सिडी मिलेगी। बस के लिए इस सब्सिडी की सीमा 15 लाख रुपये है जबकि विक्रम व मैजिक के लिए इसकी अधिकतम सीमा 3.5 लाख रुपये है। पुराने वाहन अन्य राज्य में बेचने पर 40 प्रतिशत सब्सिडी मिलेगी।