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Dehradun News: एससी-एसटी छात्र-छात्राओं की मुफ्त कोचिंग के लिए आय सीमा बढ़ाई
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देहरादून। प्रदेश में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति वर्ग के छात्र-छात्राओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए संचालित मुफ्त कोचिंग योजना में आय सीमा को दो से बढ़ाकर आठ लाख कर दिया गया है। धामी कैबिनेट ने इसके लिए आए प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
समाज कल्याण विभाग की इस योजना के तहत पात्रता के लिए परिवार की सभी स्रोतों से वार्षिक आय सीमा को दो लाख रुपये थी। वर्ष 2009 में इस आय सीमा को निर्धारित किया गया था। कैबिनेट में आए प्रस्ताव में कहा गया कि 17 साल बीतने के बाद भी इस आय सीमा में कोई वृद्धि नहीं की गई। वहीं, महंगाई में लगातार बढ़ोतरी के चलते बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूदा आय सीमा के कारण योजना का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। प्रस्ताव में केंद्र सरकार की योजना का भी हवाला दिया गया है। प्रस्ताव में कहा गया कि सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की ओर से अनुसूचित जाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए संचालित मुफ्त कोचिंग योजना में पात्रता के लिए परिवार की सभी स्रोतों से वार्षिक आय सीमा आठ लाख रुपये निर्धारित है। इसी को आधार बनाते हुए उत्तराखंड में भी एससी-एसटी छात्र-छात्राओं के लिए आय सीमा को आठ लाख रुपये करने का प्रस्ताव रखा गया है।
अब आय सीमा में चार गुना वृद्धि हो जाएगी, इससे वर्तमान आय सीमा के कारण योजना से बाहर हो रहे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के अधिक छात्र-छात्राओं को प्रतियोगी परीक्षाओं और रोजगारपरक पाठ्यक्रमों की मुफ्त कोचिंग का लाभ मिल सकेगा।
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समाज कल्याण विभाग की इस योजना के तहत पात्रता के लिए परिवार की सभी स्रोतों से वार्षिक आय सीमा को दो लाख रुपये थी। वर्ष 2009 में इस आय सीमा को निर्धारित किया गया था। कैबिनेट में आए प्रस्ताव में कहा गया कि 17 साल बीतने के बाद भी इस आय सीमा में कोई वृद्धि नहीं की गई। वहीं, महंगाई में लगातार बढ़ोतरी के चलते बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूदा आय सीमा के कारण योजना का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। प्रस्ताव में केंद्र सरकार की योजना का भी हवाला दिया गया है। प्रस्ताव में कहा गया कि सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की ओर से अनुसूचित जाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए संचालित मुफ्त कोचिंग योजना में पात्रता के लिए परिवार की सभी स्रोतों से वार्षिक आय सीमा आठ लाख रुपये निर्धारित है। इसी को आधार बनाते हुए उत्तराखंड में भी एससी-एसटी छात्र-छात्राओं के लिए आय सीमा को आठ लाख रुपये करने का प्रस्ताव रखा गया है।
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अब आय सीमा में चार गुना वृद्धि हो जाएगी, इससे वर्तमान आय सीमा के कारण योजना से बाहर हो रहे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के अधिक छात्र-छात्राओं को प्रतियोगी परीक्षाओं और रोजगारपरक पाठ्यक्रमों की मुफ्त कोचिंग का लाभ मिल सकेगा।
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