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Dehradun News: पशुपालन को अपनी आय का आधार बनाएं महिलाएं
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- कालसी डेयरी फार्म में चल रहे 17 दिवसीय प्रशिक्षण का समापन
फोटो....
संवाद न्यूज एजेंसी
कालसी। राजकीय डेयरी फार्म में चल रहे 17 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शनिवार को समापन हो गया। इस अवसर पर पशुपालन विभाग के निदेशक डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि महिलाओं को पशुपालन से जुड़कर अपनी आय को बढ़ाने का प्रयास करना चाहिए। महिलाओं का इस प्रकार का प्रयास उनकी आर्थिक समृद्धि का साधन बन सकता है।
17 दिवसीय प्रशिक्षण में प्रदेशभर से प्रशिक्षण प्राप्त करने आई महिलाओं को पशुपालन से संबंधित सभी जानकारियां प्रदान की गई। अलग-अलग सत्रों में महिलाओं को पशुपालन को आर्थिक आय का जरिया बनाने, पशुओं के रखरखाव, बीमारी, टीकाकरण आदि के बारे में बताया गया। समापन अवसर पर प्रशिक्षुओं को संबोधित करते हुए डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि विभिन्न स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। यदि महिलाएं पशुपालन पर अपना ध्यान केंद्रित करें तो यह उनकी आय का बेहतर माध्यम बन सकता है। इसके अलावा वह अन्य महिलाओं को भी इस स्वरोजगार से रोजगार प्रदान कर सकती हैं।
इस अवसर पर उत्तराखंड लाइव स्टॉक डेवलपमेंट बोर्ड के पूर्व सीईओ डॉ. कमल सिंह व डेयरी फार्म के प्रबंधक डॉ. एसकेएस बर्तवाल ने समय-समय पर इस प्रकार के प्रशिक्षण शिविर आयोजित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। समापन अवसर पर प्रशिक्षुओं को प्रमाण पत्र भी प्रदान किए गए।
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कार्यक्रम में डेयरी फार्म के पशु चिकित्सक व वैज्ञानिक डॉ. एपीएस असवाल, डॉ. मृदुला तिवारी, डॉ. अमित देवरानी, सुरेंद्र सिंह नेगी, धीरेंद्र सिंह आदि सहित उत्तराखंड के विभिन्न जिलों से आई महिला प्रशिक्षु उपस्थित रहीं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
कालसी। राजकीय डेयरी फार्म में चल रहे 17 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शनिवार को समापन हो गया। इस अवसर पर पशुपालन विभाग के निदेशक डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि महिलाओं को पशुपालन से जुड़कर अपनी आय को बढ़ाने का प्रयास करना चाहिए। महिलाओं का इस प्रकार का प्रयास उनकी आर्थिक समृद्धि का साधन बन सकता है।
17 दिवसीय प्रशिक्षण में प्रदेशभर से प्रशिक्षण प्राप्त करने आई महिलाओं को पशुपालन से संबंधित सभी जानकारियां प्रदान की गई। अलग-अलग सत्रों में महिलाओं को पशुपालन को आर्थिक आय का जरिया बनाने, पशुओं के रखरखाव, बीमारी, टीकाकरण आदि के बारे में बताया गया। समापन अवसर पर प्रशिक्षुओं को संबोधित करते हुए डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि विभिन्न स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। यदि महिलाएं पशुपालन पर अपना ध्यान केंद्रित करें तो यह उनकी आय का बेहतर माध्यम बन सकता है। इसके अलावा वह अन्य महिलाओं को भी इस स्वरोजगार से रोजगार प्रदान कर सकती हैं।
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इस अवसर पर उत्तराखंड लाइव स्टॉक डेवलपमेंट बोर्ड के पूर्व सीईओ डॉ. कमल सिंह व डेयरी फार्म के प्रबंधक डॉ. एसकेएस बर्तवाल ने समय-समय पर इस प्रकार के प्रशिक्षण शिविर आयोजित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। समापन अवसर पर प्रशिक्षुओं को प्रमाण पत्र भी प्रदान किए गए।
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कार्यक्रम में डेयरी फार्म के पशु चिकित्सक व वैज्ञानिक डॉ. एपीएस असवाल, डॉ. मृदुला तिवारी, डॉ. अमित देवरानी, सुरेंद्र सिंह नेगी, धीरेंद्र सिंह आदि सहित उत्तराखंड के विभिन्न जिलों से आई महिला प्रशिक्षु उपस्थित रहीं।