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लोकतंत्र में महिलाओं की भागीदारी आवश्यक- रेखा आर्य
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राजपुर रोड स्थित रुलख सभागार में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करतीं राज्य मंत्री रेखा आर्य ।
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प्रगति संस्था की ओर से ‘लोकतंत्र में परिवर्तन के एजेंट के रूप में महिला’ विषय पर दो दिवसीय सम्मेलन का मंगलवार को शुभारंभ किया गया। मुख्य अतिथि महिला कल्याण एवं बाल विकास राज्य मंत्री रेखा आर्य ने कहा कि लोकतंत्र में महिलाओं की भागीदारी जरूरी है। कहा कि राज्य में विधानसभा में महिलाओं की भागीदारी केवल दस प्रतिशत है।
रुलक सभागार में दो दिवसीय सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। यह सम्मेलन प्रगति संस्था एवं ताइवान फाउंडेशन फॉर डेमोक्रे सी के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। राज्य मंत्री रेखा आर्य ने कहा कि पंचायतों में महिलाओं को पचास प्रतिशत आरक्षण दिया गया है, लेकिन लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण संबंधी विधेयक अभी संसद में लंबित है। जिसे शीघ्र ही पारित करवाने की आवश्यकता है।
सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने प्रतियोगियों को संबोधित करते हुए कहा कि महिलाओं को अपने कानूनी अधिकारों की जानकारी होनी चाहिए। डॉ. गीता बलोदी अध्यक्ष कन्या जीवनदायिनी ने शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में महिलाएं लोकतंत्र में क्या भूमिका निभा सकती है, इस पर चर्चा की।
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रुलक संस्था के अध्यक्ष पद्मश्री अवधेश कौशल ने कहा कि महिलाओं की भागीदारी के बिना लोकतंत्र सफल नहीं हो सकता है। पार्षद प्रमिला कोहली ने कहा कि अन्य राज्यों की तरह यहां भी पार्षदों को मानदेय मिलना चाहिए। पांवटा साहिब की मेयर सीमा देवी ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में मेयर और पार्षदों को मानदेय देने का प्रावधान हैं। इस दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद थी।
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रुलक सभागार में दो दिवसीय सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। यह सम्मेलन प्रगति संस्था एवं ताइवान फाउंडेशन फॉर डेमोक्रे सी के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। राज्य मंत्री रेखा आर्य ने कहा कि पंचायतों में महिलाओं को पचास प्रतिशत आरक्षण दिया गया है, लेकिन लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण संबंधी विधेयक अभी संसद में लंबित है। जिसे शीघ्र ही पारित करवाने की आवश्यकता है।
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सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने प्रतियोगियों को संबोधित करते हुए कहा कि महिलाओं को अपने कानूनी अधिकारों की जानकारी होनी चाहिए। डॉ. गीता बलोदी अध्यक्ष कन्या जीवनदायिनी ने शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में महिलाएं लोकतंत्र में क्या भूमिका निभा सकती है, इस पर चर्चा की।
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रुलक संस्था के अध्यक्ष पद्मश्री अवधेश कौशल ने कहा कि महिलाओं की भागीदारी के बिना लोकतंत्र सफल नहीं हो सकता है। पार्षद प्रमिला कोहली ने कहा कि अन्य राज्यों की तरह यहां भी पार्षदों को मानदेय मिलना चाहिए। पांवटा साहिब की मेयर सीमा देवी ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में मेयर और पार्षदों को मानदेय देने का प्रावधान हैं। इस दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद थी।