महिला क्रिकेट: उत्तरकाशी की बेटी मोनिका का उत्तराखंड रणजी क्रिकेट कैंप के लिए हुआ चयन
विकासखंड नौगांव के जरडा गांव निवासी मोनिका (23) रामचंद्र उनियाल राजकीय महाविद्यालय उत्तरकाशी में बीए छठे सेमेस्टर की छात्रा है।
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उत्तराखंड में उत्तरकाशी की बेटी मोनिका चौहान का चयन उत्तराखंड महिला रणजी क्रिकेट कैंप के लिए हुआ है। मोनिका ने पीजी कॉलेज उत्तरकाशी से क्रिकेट की शुरुआत करते हुए उत्तराखंड महिला रणजी क्रिकेट कैंप में जगह पक्की की।
विकासखंड नौगांव के जरडा गांव निवासी मोनिका (23) रामचंद्र उनियाल राजकीय महाविद्यालय उत्तरकाशी में बीए छठे सेमेस्टर की छात्रा है। उसके पिता कृपाल सिंह चौहान काश्तकार और मां बसंती देवी गृहणी है। लेफ्ट आर्म मीडियम पेसर मोनिका ने बताया कि बचपन में वह अपने भाइयों के साथ क्रिकेट खेला करती थीं।
वर्ष 2018 में पीजी कॉलेज में एडमिशन लेने के बाद ही उन्हें पता चला कि लड़कियां भी क्रिकेट खेल सकती हैं, जिसके बाद वह कॉलेज की क्रिकेट टीम में शामिल हुई। कॉलेज के पुरीखेत परिसर में साथी खिलाड़ियों के साथ प्रतिदिन सुबह तीन से चार घंटे प्रैक्टिस में करती थी। कोरोना काल के दौरान कॉलेज बंद होने पर भी उनकी तैयारी पर असर नहीं पड़ा।
मोनिका का चयन सीनियर वर्ग के लिए हुआ
हाल में राजधानी देहरादून में उत्तराखंड महिला रणजी क्रिकेट कैंप के लिए ट्रायल का आयोजन हुआ, जिसमें राज्यभर डेढ़ सौ से अधिक महिला खिलाड़ी शामिल हुए। इसमें तीन बार ट्रायल और क्रिकेट मैच में शानदार प्रदर्शन के बल पर मोनिका का चयन सीनियर वर्ग के लिए हुआ।
बृहस्पतिवार सुबह जब मोनिका को फोन पर अपने चयन की जानकारी मिली, तो उसकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। बताया कि उसका सपना रणजी क्रिकेट में बेहतर प्रदर्शन के साथ भविष्य में भारतीय महिला क्रिकेट टीम के लिए खेलने का है। मोनिका के चयन पर प्राचार्य प्रो. सविता भट्ट, डा. एमपीएस परमार, डा. आकाश मिश्र, कोच सुरेंद्र सिंह नेगी, जयवीर नेगी, अमेरिकन पुरी, डा. विकास अरोड़ा ने खुशी जताई है।
साथियों का चयन न होने का है गम
उत्तराखंड महिला रणजी क्रिकेट कैंप ट्रायल में मोनिका के साथ उनकी साथी प्रीति नौटियाल व अवंतिका भी शामिल हुई थी। प्रीति नौटियाल जहां ऑफ ब्रेक स्पिनर हैं, वहीं अवंतिका लेफ्ट हैंड बैट्समैन है। ट्रायल में कड़ी प्रतिस्पर्धा के चलते प्रीति और अवंतिका दोनों कैंप में जगह बनाने से चूक गई। साथी खिलाड़ियों का चयन नहीं होने से मोनिका भी मायूस है।
अभावों से निकलकर पाया मुकाम
महिला रणजी क्रिकेट कैंप में जगह बनाने वाली मोनिका के लिए यहां तक पहुंचने का सफर आसान नहीं था। मोनिका ने अभावों से निकलकर यह उपलब्धि अपने नाम की है। मोनिका ने बताया कि उनके पास आज भी अपनी क्रिकेट किट नहीं है। उन्होंने कॉलेज किट और दोस्तों से किट उधार लेकर क्रिकेट की प्रैक्टिस की। कोरोना काल के डेढ़ साल में प्रैक्टिस जारी रखना उनके लिए सबसे चुनौतीपूर्ण रहा। बताया कि गेंदबाजी की प्रैक्टिस के लिए क्रिकेट बॉल न होने पर कई बार हॉकी और टेनिस बॉल से भी उन्हें प्रैक्टिस करनी पड़ी।