{"_id":"6bdcb65fd12a9812064e464b5a75d137","slug":"woman-get-admission-in-electrician-trade","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब बिजली से ‘खेलेगी’ आधी दुनिया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब बिजली से ‘खेलेगी’ आधी दुनिया
अमर उजाला, आफताब अजमत, देहरादून
Updated Mon, 09 Sep 2013 09:28 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हर क्षेत्र में खुद को साबित करने वाली महिलाएं (आधी दुनिया) अब एक नई पहल करने जा रही हैं।
विज्ञापन
प्रदेश की 65 महिलाएं जल्द ही बिजली से खेलती नजर आएंगी। चौंकिए नहीं, यहां किसी साहसिक खेल नहीं, बल्कि उन छात्राओं की बात हो रही है जिन्होंने प्रदेश के विभिन्न राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में इलेक्ट्रिशियन ट्रेड में दाखिला लिया है।
पढ़ें, केदारघाटी में दो दिनों में मिले 122 शव
विज्ञापन
यही नहीं, फिटर ट्रेड में भी 70 महिला अभ्यर्थियों ने दिलचस्पी दिखाई है। खास बात यह है कि तकनीकी तौर पर बेहद मुश्किल और पुरुष प्रधान माने जाने वाले इन दोनों ट्रेडों से प्रदेश में पहली बार छात्राएं जुड़ी हैं।
विज्ञापन
पारंपरिक ट्रेड
गत वर्ष तक महिला अभ्यर्थी टेलरिंग, कटिंग, डाटा एंट्री ऑपरेटर, हिंदी स्टेनो, ऑफिस अटेंडेंट कम कंप्यूटर ऑपरेटर जैसे ट्रेडों में ही दाखिला लेती थीं।
फिर भी बच गई 1200 सीटें
आईटीआई की दो दौर की ऑनलाइन काउंसिलिंग समाप्त हो चुकी है। कुल छह हजार में से 1800 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित थीं। लेकिन, इनमें से 1200 सीटें खाली रह गई हैं।
पढ़ें, रामकथा में रहीम के भक्त
अब सोमवार से शुरू हो रही तीसरी काउंसिलिंग में इन सीटों पर पुरुष अभ्यर्थियों को मौका दिया जाएगा। काउंसिलिंग नौ से 11 सितंबर तक होगी। इसके लिए छात्र निकटतम आईटीआई में संपर्क कर सकते हैं। सीट अपग्रेड करना चाहने वाले छात्र भी काउंसिलिंग में भाग ले सकते हैं।
पढ़ें, केदार घाटी के बाद मच सकती है अन्य धामों में तबाही
महिलाओं के लिए पारंपरिक माने जाने वाले ट्रेडों में अब रोजगार के अवसर सिमट रहे हैं। छात्राएं जागरूक हैं और आगे बढ़ना चाहती हैं। इलेक्ट्रिशियन और फिटर जैसे ट्रेड में तकनीकी कौशल मिलने के अलावा अब भी रोजगार के बेहतरीन अवसर मौजूद हैं। यही वजह है कि कठिनाई होने के बावजूद छात्राएं इन ट्रेडों की ओर रुख कर रही हैं। हमारे संस्थान में ही इन दोनों ट्रेड में दस-दस छात्राओं ने दाखिला लिया है।
- एके त्रिपाठी, प्राचार्य, आईटीआई निरंजनपुर
फेसबुक पर अपनी राय देने के लिए यहां क्लिक करें