दून महिला अस्पताल में महिला ने तीन बच्चों को दिया जन्म, कुछ ही घंटों बाद बेटी ने तोड़ा दम
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प्रदेश के सबसे बड़े दून महिला अस्पताल में व्याप्त अव्यवस्थाओं से एक और नवजात की जान चली गई। अस्पताल में वेंटिलेटर की व्यवस्था न होने के चलते जुड़वा तीनों नवजातों को नाजुक हालत में श्री महंत इंदिरेश अस्पताल रेफर कर दिया गयाख, जहां बच्ची की मौत हो गई। इससे एक बार फिर दून महिला अस्पताल में अव्यवस्थाओं की पोल खुल गई है।
रविवार सुबह कालसी निवासी कांता (23) ने ऑपरेशन के जरिये तीन बच्चों को जन्म दिया था। जिनमें एक बच्ची और दो बच्चे थे। बच्ची का वजन 850 ग्राम, बच्चों का वजन 1.2 और 1.25 किग्रा था। तीनों को निक्कू वार्ड में भर्ती किया गया था।
मां सहित तीनों नवजातों की हालत गंभीर बनी हुई थी। तीनों नवजातों को वेंटीलेटर की जरूरत थी। निक्कू वार्ड का वेंटीलेटर कई माह से खराब है। ऐसे में उनकी हालत और नाजुक हो गई। सोमवार को करीब 11 बजे अस्पताल से तीनों नवजातों को श्री महंत इंदिरेश अस्पताल रेफर किया गया।
जिस पर परिजनों ने तीनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस अस्पताल में तीनों नवजातों का इलाज आयुष्मान योजना के तहत शुरू किया गया। डॉक्टरों के अनुसार दोपहर दो बजे के करीब बच्ची की मौत हो गई, जबकि दोनों बच्चों की हालत नाजुक बनी हुई है। आक्रोशित परिजनों का कहना है कि यदि दून महिला अस्पताल में वेंटीलेटर मिल जाता तो बेटी की जान बचाई जा सकती थी।
अस्पताल की सीएमएस डॉ. मीनाक्षी ने बताया कि अस्पताल में वेंटिलेटर की व्यवस्था नहीं है। इसलिए तीनों शिशुओं की नाजुक हालत के चलते उन्हें महंत इंदिरेश अस्पताल रेफर किया गया है।
दून अस्पताल के एमएस डॉ. केके टम्टा का कहना है कि वेंटीलेटर बार-बार खराब हो रहा था। नया वेंटीलेटर लगाने के लिए कंपनी को फरवरी में डिमांड भेजी हुई है। दोबारा रिमाइंडर भेजा जा रहा है। उम्मीद है कि जल्द ही वेंटीलेटर आ जाएगा।