पिथौरागढ़ में डिलीवरी के बाद महिला की मौत, कर्णप्रयाग में अव्यवस्थाओं ने ली प्रसूता व बच्चे की जान
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उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिला अस्पताल में डिलीवरी के बाद एक महिला की मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक अस्पताल में शनिवार को डिलीवरी के बाद कालिका धारचूला निवासी रिद्धिमा (26) की मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया और खूब हंगामा किया। महिला की मौत की खबर सुनकर परिजन बिलख-बिलख कर रोने लगे।
मृतक महिला ने स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया है। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर अनदेखी का आरोप लगाते हुए उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। पिछले तीन माह के भीतर लगातार चार महिलाओं की मौत से आक्रोशित कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अस्पताल परिसर में धरना दिया।
जिला अस्पताल में उपचार को आई महिलाओं के मौत के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। अस्पताल प्रबंधन कोई न कोई बहाना बनाकर अपना पल्ला झाड़ रहा है। पूर्व में हुई महिला की मौत के मामले में डीएम ने जांच के आदेश दिए थे। जांच रिपोर्ट आने के बाद भी अभी तक दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो पाई है।
अव्यवस्थाओं ने ली दो जान
गांवों में संचार, सड़क और स्वास्थ्य सुविधा न होना फिर से जान पर भारी पड़ गया। चमोली जिले के ग्राम पंचायत कोटी के पैंखोली गांव में अव्यवस्थाओं के कारण एक प्रसूता और नवजात बच्ची की मौत हो गई। मां-बेटी की मौत से क्षेत्र में मातम पसरा है।
मटियाला के ग्राम प्रधान गौतम मिंगवाल व अशोक रावत ने बताया कि पैंखोली गांव के आनंद लाल की पत्नी सुनीता देवी (25) को शुक्रवार रात लगभग 12 बजे में प्रसव पीड़ा हुई। कुछ देर बाद सुनीता ने एक बेटी को जन्म दिया। प्रसव दाई ने कराया, लेकिन प्रसव के कुछ समय बाद ही सुनीता को तेज रक्तस्राव होने लगा। गांव में संचार सेवा न होने के कारण ग्रामीण 108 सेवा को भी फोन नहीं कर सके। स्थिति यह है कि गांव से सड़क तीन किमी और अस्पताल 25 किमी दूर है।
मां और नवजात की मौत से क्षेत्र में मातम पसर गया। महिला का पति देहरादून में प्राइवेट नौकरी करता था और इन दिनों घर आया था। उनके पहले से दो बच्चे हैं और यह तीसरी संतान थी। ग्रामीणों ने गांव में मूलभूत सुविधाएं देने की मांग उठाई।
पैंखोली गांव में प्रसूता और नवजात बेटी की मौत की घटना दुखद है। पैंखोली सड़क निर्माण का मामला वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के पास है। साथ ही कोटी क्षेत्र में मोबाइल टावर लगाने की फाइल शासन में जा चुकी है। - सुरेंद्र सिंह नेगी, विधायक कर्णप्रयाग
प्रसूता और नवजात की मौत के मामले में सीएमओ को जांच के आदेश दिए हैं। सीएमओ को तीन दिन में जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश दिए गए हैं। - स्वाति एस भदौरिया, डीएम चमोली
सरकार का लापरवाह रवैया ले रहा जान
हाल ही में दो फरवरी को उत्तरकाशी में भी बदहाल सुविधाओं के कारण एक गर्भवती महिला की मौत हो गई थी। अब कुछ दिनों बाद फिर सुविधाओं के अभाव में एक महिला और नवजात बच्ची की मौत हो गई। पैंखोली गांव के ग्रामीणों ने कहा कि उनके क्षेत्र में सड़क और संचार सुविधा का अभाव है।
कई बार सुविधाओं के लिए आंदोलन किए जा चुके हैं, लेकिन सरकार या जनप्रतिनिधि की ओर से कोई ध्यान नहीं दिया गया। ग्रामीणों को इलाज के लिए सीएचसी कर्णप्रयाग जाना पड़ता है। सरकार का यह लापरवाह रवैया और कितनी जान लेगा। गांवों में सुविधाओं के दावे किए जाते हैं लेकिन सुविधा के नाम पर कुछ नहीं दिया गया है। उन्होंने प्रभावित परिवार को मुआवजा देने और क्षेत्र में सड़क, संचार सुविधा और अस्पताल खोलने की मांग की।