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परमिट बिना, RTO को आ जाएगा गुस्सा
अमर उजाला, देहरादून
Updated Fri, 30 Aug 2013 08:12 PM IST
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राजधानी दून में प्रेमनगर-घंटाघर रूट पर विक्रम और सिटी बस संचालकों के बीच चल रहे विवाद के बाद अब आरटीओ सख्त रूख अख्तियार करने की तैयारी में हैं।
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बकायदा एक सितंबर से घंटाघर तक आने के विवाद के बीच आरटीओ विक्रम व सिटी बस के खिलाफ अभियान शुरू करने जा रहा है। जिसमें परमिट का उल्लंघन करने पर वाहनों को बंद भी किया जा सकता है।
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दरअसल घंटाघर पर ट्रैफिक का दबाव बढ़ने के कारण बिंदाल पुल के समीप विक्रम स्टैंड बनाया गया है, जहां से टोकन लेकर विक्रम घंटाघर आते हैं और सवारी बैठाकर निकल जाते हैं।
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विक्रम संख्या हो दस
मगर सवारियों की संख्या को देखते हुए विक्रम चालक घंटाघर तक विक्रमों की संख्या 10 करने की मांग कर रहे हैं। जबकि सिटी बस संचालक इसके विरोध में हैं।
आरटीओ डीसी पठोई तक मामला पहुंचने के बाद उन्होंने दोनों को परमिट के आधार पर चलने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि विक्रमों को देहरादून केंद्र से 15 किमी अर्धव्यास का परमिट है, तो उन्हें रोका नहीं जा सकता।
टोकन पर अड़े
जबकि सिटी बस चालक टोकन सिस्टम को ही लागू करने की जिद पर अड़े हुए हैं। एआरटीओ प्रवर्तन एके पांडे ने बताया कि एक सितंबर से दोनों के खिलाफ अभियान चलेगा।
विक्रम ठेका परमिट पर हैं, जो सिर्फ स्टॉप से ही सवारी उठा सकता है, अगर रास्ते से सवारी उठाई तो कार्रवाई की जाएगी। वहीं सिटी बस में परमिट के अनुसार पार्टिशन रॉड, ड्रेस, नियत सवारी बैठाने के निर्देश दिए गए हैं। अगर कोई भी परमिट का उल्लंघन करता मिला तो वाहन बंद भी हो सकता है।