ठंड के दिन भी हुए कम, तीन माह के जगह इस बार 45 दिन पड़ेगी सर्दी
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इंद्र देव की नाराजगी फसलों पर भारी पड़ सकती है। दिसंबर में औसत बारिश भी नहीं हुई तो जनवरी में अभी तक सूखा पड़ा है। मौसम वैज्ञानिक का दावा है कि फरवरी से अधिकतम तापमान बढ़ने लगेगा और 31 जनवरी को ठंड से निजात मिलने की संभावना है।
सर्दियों की बारिश गेहूं के लिए बेहद जरूरी है। अभी तक हाड़ कंपाने वाली ठंड भी नहीं पड़ी है। अगर अधिक ठंड पड़ती है तो भी फसल को राहत रहती है। पाला न पड़ना गेहूं की फसल के लिए अभी राहत भरा है। दिसंबर में 13.2 और जनवरी में 28.7 मिली मीटर औसत बारिश होती है। दिसंबर 2018 में 0.8 मिली मीटर बारिश हुई, जबकि जनवरी में अभी तक बदरा नहीं बरसे हैं।
बारिश का हाल
वर्ष दिसंबर जनवरी
2011 00 24.4
2012 00 25.2
2013 10.2 41.2
2014 40.1 112.4
2015 00 32.8
2016 11.2 00
2017 2.8 60.4
2018 0.8 6.8
इस बार मौसम के पूर्वानुमान में सिर्फ 45 दिन ही ठंड पड़ने की बात थी। ठंड 31 जनवरी तक पड़ेगी। पहले ठंड तीन माह तक पड़ती थी। ठंड की समयावधि कम हो गई है। फरवरी से अधिकतम तापमान बढ़ने लगेगा। पाला न पड़ने के कारण गेहूं की फसल बची हुई है।
- डॉ. आरके सिंह, मौसम वैज्ञानिक, पंतनगर विश्वविद्यालय
21 को बारिश और बर्फबारी की संभावना
पश्चिमी विक्षोभ के कारण 20 जनवरी से मौसम फिर करवट बदलेगा और 21 जनवरी को बारिश या बर्फबारी की संभावना है। बृहस्पतिवार सुबह से ही चटख धूप खिली हुई थी। धूप के कारण ठंड से राहत मिली। लोग दिन में छत पर धूप सेंकते नजर आए। हल्द्वानी का अधिकतम तापमान 22.8 और न्यूनतम तापमान 3.5 डिग्री सेल्सियस रहा।
अधिकतम तापमान सामान्य से तीन डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। जबकि न्यूनतम तापमान सामान्य से दो डिग्री कम रहा। मुक्तेश्वर में अधिकतम तापमान 13.8 और न्यूनतम तापमान 2.5 डिग्री सेल्सियस रहा। अधिकतम तापमान और न्यूनतम तापमान सामान्य से एक-एक डिग्री सेल्सियस अधिक रहा।