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कोदा-झंगोरा खाएंगे, आत्मनिर्भर उत्तराखंड बनाएंगे : कोश्यारी
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अंतरराष्ट्रीय मिलेट्स वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित श्री अन्न महोत्सव में पहुंचे पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने ‘कोदा-झंगोरा खाएंगे, आत्मनिर्भर उत्तराखंड बनाएंगे’ नारा दिया। कहा, मोटा अनाज महिलाओं के लिए काफी फायदेमंद है। उन्होंने महाराष्ट्र राजभवन में मंडुवे के बिस्कुट अनिवार्य कर दिए थे ताकि सभी को उत्तम स्वास्थ्य मिले।
कृषि विभाग की ओर से हाथीबड़कला में आयोजित महोत्सव के तीसरे दिन पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने बतौर मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथि के तौर पर पर्यावरणविद डॉ. अनिल जोशी ने प्रतिभाग किया। कृषि मंत्री गणेश जोशी ने सभी का पहाड़ी टोपी, शॉल और पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया। इस दौरान कोश्यारी ने कहा कि उत्तराखंड में भी मंडुवे के बिस्कुट को अनिवार्य किया जाए ताकि इसका प्रचार-प्रसार हो और लोगों को अच्छी सेहत मिले। किसानों को सशक्त करना प्राथमिकता होनी चाहिए।
कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा श्री अन्न उत्तराखंड की परंपरागत फसल है। यह कभी गरीबों का खाद्यान्न हुआ करता था, आज अमीरों की थाली में शामिल हो गया है। श्री अन्न के प्रोत्साहन और प्रचार-प्रसार के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। स्टेट मिलेट्स मिशन के अंतर्गत 73 करोड़ रुपये का बजट में प्रावधान किया गया है। इस दौरान कृषि निदेशक गौरीशंकर, ग्राम्य विकास आयुक्त आनंद स्वरूप, अपर निदेशक केसी पाठक, संयुक्त निदेशक दिनेश कुमार मौजूद थे।
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मोटा अनाज बेबी फूड के लिए फायदेमंद : डॉ. जोशी
डॉ. अनिल जोशी ने कहा कि प्रदेश की तरक्की के लिए खेती-बाड़ी ही एक अच्छा साधन है। इसके लिए नए सिरे से सोचने की जरूरत है। श्री अन्न और माइनर फसलों के लिए उत्तराखंड विश्व स्तर पर प्रसिद्ध है। जापान वाले भी मानते हैं कि यहां का मोटा अनाज बेबी फूड के लिए अत्यधिक फायदेमंद है, क्योंकि इसमें प्रचुर मात्रा में कैल्शियम है।
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कृषि विभाग की ओर से हाथीबड़कला में आयोजित महोत्सव के तीसरे दिन पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने बतौर मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथि के तौर पर पर्यावरणविद डॉ. अनिल जोशी ने प्रतिभाग किया। कृषि मंत्री गणेश जोशी ने सभी का पहाड़ी टोपी, शॉल और पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया। इस दौरान कोश्यारी ने कहा कि उत्तराखंड में भी मंडुवे के बिस्कुट को अनिवार्य किया जाए ताकि इसका प्रचार-प्रसार हो और लोगों को अच्छी सेहत मिले। किसानों को सशक्त करना प्राथमिकता होनी चाहिए।
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कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा श्री अन्न उत्तराखंड की परंपरागत फसल है। यह कभी गरीबों का खाद्यान्न हुआ करता था, आज अमीरों की थाली में शामिल हो गया है। श्री अन्न के प्रोत्साहन और प्रचार-प्रसार के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। स्टेट मिलेट्स मिशन के अंतर्गत 73 करोड़ रुपये का बजट में प्रावधान किया गया है। इस दौरान कृषि निदेशक गौरीशंकर, ग्राम्य विकास आयुक्त आनंद स्वरूप, अपर निदेशक केसी पाठक, संयुक्त निदेशक दिनेश कुमार मौजूद थे।
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मोटा अनाज बेबी फूड के लिए फायदेमंद : डॉ. जोशी
डॉ. अनिल जोशी ने कहा कि प्रदेश की तरक्की के लिए खेती-बाड़ी ही एक अच्छा साधन है। इसके लिए नए सिरे से सोचने की जरूरत है। श्री अन्न और माइनर फसलों के लिए उत्तराखंड विश्व स्तर पर प्रसिद्ध है। जापान वाले भी मानते हैं कि यहां का मोटा अनाज बेबी फूड के लिए अत्यधिक फायदेमंद है, क्योंकि इसमें प्रचुर मात्रा में कैल्शियम है।