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साहिया क्षेत्र में जंगली सुअर बने मुसीबत
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क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे जंगली जानवरों की समस्या से किसानों के सामने फसलों को बचाने का संकट खड़ा हो गया है। जानवरों से फसलों को बचाने के लिए किसान रात-रात भर खेतों में पहरा लगा रहे हैं। किसानों ने वन विभाग से कार्रवाई की मांग की है।
क्षेत्र के ग्राम मटियावा, दोहा व झूसो में जंगली सुअर किसानों के लिए मुसीबत बने हुए हैं। क्षेत्र में वर्तमान समय में मक्का, राजमा, टमाटर समेत अनेक नगदी फसलें तैयार हो रही हैं। लेकिन आए दिन जंगली सुअर खेतों में घुसकर फसलों को बर्बाद कर रहे हैं। जानवरों के आतंक से परेशान किसान रात-रात भर जागकर खेतों की रखवाली कर रहे हैँ। क्षेत्रवासी संजीव चौहान, मिजान दास, रमेश चौहान, पूरण सिंह, जसवीर सिंह, ईश्वर चौहान, सुरेंद्र सिंह, मोहर सिंह का कहना है कि दो साल से किसान जानवरों से खेतों की सुरक्षा के लिए लगातार मांग कर रहे हैं लेकिन, प्रशासन व वन विभाग की ओर से इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
ग्रामीणों की आजीविका का प्रमुख साधन कृषि है लेकिन जंगली जानवर इसे चौपट कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि स्थिति यही रही तो आने वाले दिनों में किसान खेती छोड़ने को मजबूर हो जाएंगे। उधर रिवर रेंज के रेंजर अनिल कुमार भट्ट का कहना है कि अभी उन्हें ग्रामीणों की ऐसी कोई शिकायत नहीं मिली है। नियमानुसार जंगली जानवरों से खेती को हुए नुकसान का आंकलन कराकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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क्षेत्र के ग्राम मटियावा, दोहा व झूसो में जंगली सुअर किसानों के लिए मुसीबत बने हुए हैं। क्षेत्र में वर्तमान समय में मक्का, राजमा, टमाटर समेत अनेक नगदी फसलें तैयार हो रही हैं। लेकिन आए दिन जंगली सुअर खेतों में घुसकर फसलों को बर्बाद कर रहे हैं। जानवरों के आतंक से परेशान किसान रात-रात भर जागकर खेतों की रखवाली कर रहे हैँ। क्षेत्रवासी संजीव चौहान, मिजान दास, रमेश चौहान, पूरण सिंह, जसवीर सिंह, ईश्वर चौहान, सुरेंद्र सिंह, मोहर सिंह का कहना है कि दो साल से किसान जानवरों से खेतों की सुरक्षा के लिए लगातार मांग कर रहे हैं लेकिन, प्रशासन व वन विभाग की ओर से इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
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ग्रामीणों की आजीविका का प्रमुख साधन कृषि है लेकिन जंगली जानवर इसे चौपट कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि स्थिति यही रही तो आने वाले दिनों में किसान खेती छोड़ने को मजबूर हो जाएंगे। उधर रिवर रेंज के रेंजर अनिल कुमार भट्ट का कहना है कि अभी उन्हें ग्रामीणों की ऐसी कोई शिकायत नहीं मिली है। नियमानुसार जंगली जानवरों से खेती को हुए नुकसान का आंकलन कराकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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