अवैध संबंधों के चलते प्रेमी संग मिलकर पति को उतारा मौत के घाट, अब जेल में गुजरेगी दोनों की जिंदगी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या करने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश ने महिला और उसके प्रेमी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट में पेश की गई दोनों अभियुक्तों की कॉल डिटेल के आधार फैसला सुनाया है।
महज एक साल के भीतर कोर्ट ने दोषियों को सजा सुनाई है। शासकीय अधिवक्ता पूरन सिंह बोहरा ने बताया कि 4 मार्च 2017 को बीरबल पुत्र विश्वनाथ प्रसाद निवासी भवानीपुर बड़ी पीरुमदारा, मूल निवासी ग्राम बड़ा थाना चोकतरवा जिला बगाहा (बिहार) की हत्या उसकी पत्नी गीता देवी एवं उसके प्रेमी इंद्रजीत निवासी नेताजीनगर दिनेशपुर ऊधमसिंह नगर ने की थी।
बीरबल का शव जंगलात चौकी से करीब दो सौ मीटर दूर एक पेड़ पर लटका मिला था। इस मामले में मृतक के भाई अच्छेवर शाह ने 8 मार्च 2017 को दोनों के खिलाफ रामनगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। इस पर पुलिस ने दस मार्च को दोनों को गिरफ्तार किया।
अपर सत्र न्यायाधीश सुजीत कुमार की कोर्ट में जनवरी 2018 में मुकदमा चला। पुलिस ने महिला एवं उसके प्रेमी की 26 फरवरी 2017 से 10 मार्च 2017 तक की कॉल डिटेल निकाली, जिसमें दोनों के बीच अवैध संबंध एवं बीरबल को मारने की साजिश करते हुए पाया गया।
दोनों की कॉल डिटेल एवं आवाज के नमूने को दिल्ली विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा गया, जांच रिपोर्ट में दोनों की आवाज कॉल डिटेल से मैच हुई। अभियोजन पक्ष ने 13 गवाह भी कोर्ट में पेश किए।
कोर्ट ने मंगलवार को धारा 302, 34 एवं 120बी के तहत दोनों अभियुक्तों को आजीवन कारावास और दस-दस हजार के जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना नहीं देने पर छह-छह माह अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।