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'धर्म के नाम पर खून बहाने वालों को फांसी दो'

Tue, 01 Oct 2013 12:45 PM IST
अमर उजाला, हरिद्वार
अमर उजाला, हरिद्वार Updated Tue, 01 Oct 2013 12:45 PM IST
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Who shed blood in the name of religion hanging on the intersection of two: Governor

इंडियन फिलॉसोफिकल कांग्रेस के 87वें अधिवेशन में राज्यपाल डा. अजीज कुरैशी ने कहा कि धर्म के नाम पर खून बहाने वालों को चौराहे पर फांसी दे देनी चाहिए।

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उन्होंने कहा कि धार्मिक पाखंड से देश को बर्बाद किया जा रहा है। उन्होंने छात्रों से आह्वान किया कि वे ऐसे धर्म को न माने जो आपस में लड़ाई कराता हो।

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तीन दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन
उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय की दर्शनशास्त्र विभाग की ओर से भूपतवाला स्थित निष्काम सेवा ट्रस्ट के सभागार में इंडियन फिलॉसोफिकल कांग्रेस का तीन दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन सोमवार से दो अक्तूबर तक आयोजित किया गया है।
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अधिवेशन के उद्घाटन कार्यक्रम को मुख्य अतिथि राज्यपाल डा. अजीज कुरैशी ने संबोधित किया। उन्होंने कहा कि जिस धर्म से महिलाएं विधवा होती हैं, खून बहता है, भाई से भाई लड़ता है और नफरत फैलती है, उस धर्म का न होना अच्छा है।

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धर्म के नाम पर हो रहा देश का अहित
धर्म के नाम पर खून बहाने वालों को चौराहे पर फांसी पर लटकाना चाहिए। उन्होंने छात्रों से कहा कि पाखंड और गुमराह करने वाले धर्म को न मानें। महामहिम ने कहा कि धर्म के नाम पर देश का अहित किया जा रहा है। इस उन्माद से बाहर निकलना होगा।


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उन्होंने कहा कि वह कार्ल मार्क्स की बात से पूरी तरह इत्तफाक रखते हैं। उन्होंने कहा कि धर्म वाकई में अफीम होता है। इस अफीम ने दुनिया में अब तक सबसे ज्यादा खून बहाया है।

शिक्षा में खोट आ गया

शिक्षामंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी ने कहा कि आज शिक्षा में खोट आ गया है। इसलिए अपराध बढ़ते जा रहे हैं। कुलपति प्रो. महावीर अग्रवाल ने कहा कि सब मनुष्यों में मानवता बनी रहे, बस यही सबसे बड़ा दर्शन है।

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कार्यक्रम में प्रो. डीएन द्विवेदी और प्रो. यूएस बिष्ट ने भी विचार रखे। इस अवसर पर वित्त नियंत्रक हरिसिंह बोनाल, प्रो. मोहन चंद्र बलोदी, शिक्षक गण, छात्र और बाहर से आए प्रतिभागी मौजूद रहे।

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