देखिए, निखार के लिए कैसे चेहरा बिगाड़ रहे युवा
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गोरा होने, चेहरे पर रौनक लाने और कील-मुंहासों से छुटकारा पाने के लिए किशोर व युवा वर्ग अपना चेहरा बिगाड़ रहे हैं।
बिना डॉक्टरों की सलाह के मुंह पर तरह-तरह की क्रीम के अत्याधिक प्रयोग से खूबसूरती तो नहीं बढ़ रह है, उल्टा इसके साइड इफेक्ट दिखाई दे रहे हैं।
चिकित्सकों के अनुसार, बिना सलाह के चेहरे पर क्रीम लगाना खतरनाक हो सकता है। क्योंकि इनमें स्टेरॉयड का प्रयोग किया जाता है, जो रोग को दबाने का काम करते हैं। वर्तमान में युवा और किशोर विशेषकर कॉलेज जाने वाले छात्र-छात्राएं चिकित्सकों से सलाह मशविरा किए बिना सौंदर्यवर्धक या अन्य एलर्जी रोधी क्रीम लगा रहे हैं।
यह क्रीम मुंहासों, दाग व निशान मिटाने और झाईयों को हटाने के लिए लगाई जाती है। राजकीय मेडिकल कॉलेज के त्वचा रोग विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. दीपक डिमरी बताते हैं कि युवा वर्ग बिना सोचे-समझे क्रीमों का प्रयोग कर रहा है। अस्पताल में प्रतिदिन 10 में से चार ऐसे मरीज आते हैं, जो ऐसी क्रीमों के अधिक प्रयोग का साइड इफेक्ट झेल रहे हैं।
क्रीम के अत्याधिक प्रयोग से हो रहे ये नुकसान
डॉ. डिमरी ने बताया कि क्रीम चिकित्सक की सुपरविजन में प्रयोग करनी चाहिए। क्रीम ज्यादा से ज्यादा एक-डेढ़ माह लगानी चाहिए। इसके बाद प्रयोग नुकसान पहुंचाएगा। डॉ. डिमरी ने बताया कि क्रीम लगाने वाले को यह लगता है कि फायदा हो रहा है, लेकिन वास्तव में ऐसा नहीं होता है।
नुकसान
- चेहरे में जलन
- चेहरे पर लाली और दाने निकलना
- त्वचा में रुखापन और खुजली
- चमड़ी पतली होना
- धूप से एलर्जी
क्रीम लगाने से नहीं होते गोरे
टीवी में आने वाले विज्ञापनों में मॉडल और अभिनेता लड़कों को गोरा होने के लिए लड़कियों की क्रीम के बजाय लड़कों की क्रीम लगाने की सलाह देते हैं। त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. डिमरी की माने तो लड़के व लड़कियों की त्वचा में कोई अंतर नहीं होता है। क्रीम लगाने से कोई गोरा नहीं होता है।