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Dehradun News: अवैध निर्माण सील करने पहुंची टीम तो मालिक ने छिड़क लिया पेट्रोल
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अवैध निर्माण सील करने गई कैंट बोर्ड टीम इस दौरान आत्मदाह की कोशिश करते मकान मालिक अजय गुप्ता। स?
- फोटो : DEHRADUN
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प्रेमनगर में शुक्रवार को उस वक्त कैंट बोर्ड के कर्मचारियों और लोगों में भगदड़ मच गई, जब एक व्यक्ति ने अपने ऊपर पेट्रोल छिड़क कर आत्मदाह का प्रयास किया। दरअसल, कैंट बोर्ड के अधिकारी यहां अवैध निर्माण को सील करने आए थे। जिसके विरोध में आरोपी व्यक्ति ने यह कदम उठाया। इस दौरान पेट्रोल के कुछ छींटे अधिकारियों पर भी पड़ गए, जिससे वे भी अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए।
कैंट बोर्ड के अधिकारियों को काफी समय से प्रेमनगर के ओल्ड पोस्ट ऑफिस में अवैध निर्माण की शिकायत मिल रही थी। जिसका संज्ञान लेते हुए कैंट बोर्ड ने क्षेत्रीय निवासी आरोपी अजय गुप्ता को दो बार कारण बताओ नोटिस दिए। हालांकि, इसके बाद भी अवैध निर्माण जारी रहा। जिस पर गत बृहस्पतिवार को अंतिम नोटिस दिया गया और शुक्रवार को सुबह साढ़े 11 बजे कैंट बोर्ड की टीम निर्माण को सील करने पहुंच गई। इस दौरान टीम को अजय गुप्ता और महिलाओं का काफी विरोध झेलना पड़ा। इसके बाद भी कैंट बोर्ड की टीम नहीं रुकी और अपनी कार्रवाई जारी रखी। जिस पर आक्रोशित अजय गुप्ता ने अपने ऊपर पेट्रोल छिड़क दिया और माचिस लेकर छत पर चढ़ गए। आननफानन में कर्मचारियों ने पुलिस फोर्स को मौके पर बुलाया। प्रेमनगर थाने की पुलिस ने किसी तरह अजय गुप्ता को काबू में किया और मामला शांत कराया। उधर, हंगामा बढ़ता देख कैंट बोर्ड की टीम बैरंग लोट गई। करीब दो घंटे तक हुए हंगामे के चलते कैंट बोर्ड के अधिकारियों और पुलिस के हाथ-पांव भी फूल गए थे।
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केहरी गांव के अवैध निर्माण पर क्यों नहीं हो रही कार्रवाई
केहरी गांव स्थित प्रतिबंधित क्षेत्र में एक दर्जन से अधिक अवैध निर्माण किए गए हैं। कैंट बोर्ड यहां भी कई बार नोटिस भेज चुका है लेकिन इसके बावजूद निर्माण रुकने के बजाय और हो रहे हैं। कई बार शिकायत के बावजूद कैंट बोर्ड यहां कार्रवाई की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है।
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कैंट बोर्ड ने पुलिस फोर्स बुलाई थी। पुलिस की तत्परता की वजह से अजय गुप्ता को बचाया गया। उन्होंने पेट्रोल छिड़क कर आत्मदाह का प्रयास किया था।
- प्रदीप बिष्ट, थानाध्यक्ष प्रेमनगर
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भवन स्वामी को निर्माण रोकने के लिए पूर्व में छावनी अधिनियम के तहत नोटिस दिए गए थे। इसके बावजूद निर्माण कार्य जारी रहा। जिस पर भवन को सील करने का नोटिस दिया गया। कैंट बोर्ड की टीम निर्माण सील करने पहुंची तो परिवार वालों ने हंगामा शुरू कर दिया। इन पर सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने के आरोप में कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
-अभिनव सिंह, सीईओ कैंट बोर्ड
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कैंट बोर्ड के अधिकारियों को काफी समय से प्रेमनगर के ओल्ड पोस्ट ऑफिस में अवैध निर्माण की शिकायत मिल रही थी। जिसका संज्ञान लेते हुए कैंट बोर्ड ने क्षेत्रीय निवासी आरोपी अजय गुप्ता को दो बार कारण बताओ नोटिस दिए। हालांकि, इसके बाद भी अवैध निर्माण जारी रहा। जिस पर गत बृहस्पतिवार को अंतिम नोटिस दिया गया और शुक्रवार को सुबह साढ़े 11 बजे कैंट बोर्ड की टीम निर्माण को सील करने पहुंच गई। इस दौरान टीम को अजय गुप्ता और महिलाओं का काफी विरोध झेलना पड़ा। इसके बाद भी कैंट बोर्ड की टीम नहीं रुकी और अपनी कार्रवाई जारी रखी। जिस पर आक्रोशित अजय गुप्ता ने अपने ऊपर पेट्रोल छिड़क दिया और माचिस लेकर छत पर चढ़ गए। आननफानन में कर्मचारियों ने पुलिस फोर्स को मौके पर बुलाया। प्रेमनगर थाने की पुलिस ने किसी तरह अजय गुप्ता को काबू में किया और मामला शांत कराया। उधर, हंगामा बढ़ता देख कैंट बोर्ड की टीम बैरंग लोट गई। करीब दो घंटे तक हुए हंगामे के चलते कैंट बोर्ड के अधिकारियों और पुलिस के हाथ-पांव भी फूल गए थे।
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केहरी गांव के अवैध निर्माण पर क्यों नहीं हो रही कार्रवाई
केहरी गांव स्थित प्रतिबंधित क्षेत्र में एक दर्जन से अधिक अवैध निर्माण किए गए हैं। कैंट बोर्ड यहां भी कई बार नोटिस भेज चुका है लेकिन इसके बावजूद निर्माण रुकने के बजाय और हो रहे हैं। कई बार शिकायत के बावजूद कैंट बोर्ड यहां कार्रवाई की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है।
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कैंट बोर्ड ने पुलिस फोर्स बुलाई थी। पुलिस की तत्परता की वजह से अजय गुप्ता को बचाया गया। उन्होंने पेट्रोल छिड़क कर आत्मदाह का प्रयास किया था।
- प्रदीप बिष्ट, थानाध्यक्ष प्रेमनगर
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भवन स्वामी को निर्माण रोकने के लिए पूर्व में छावनी अधिनियम के तहत नोटिस दिए गए थे। इसके बावजूद निर्माण कार्य जारी रहा। जिस पर भवन को सील करने का नोटिस दिया गया। कैंट बोर्ड की टीम निर्माण सील करने पहुंची तो परिवार वालों ने हंगामा शुरू कर दिया। इन पर सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने के आरोप में कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
-अभिनव सिंह, सीईओ कैंट बोर्ड