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Weather Today: मलबा आने से पांच घंटे बंद रहा यमुनोत्री हाईवे, व्यासी मार्ग पर दो घंटे बंद रही वाहनों की आवाजाही

Fri, 25 Dec 2020 08:46 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Fri, 25 Dec 2020 08:46 PM IST
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Weather Forecast Today Update in Uttarakhand News: weather will be clear, yamunotri high way closed
यमुनोत्री हाईवे बंद - फोटो : amar ujala

ऑल वेदर रोड निर्माण कार्य के चलते बृहस्पतिवार देर रात पालीगाड़ के पास भारी मलबा आने से यमुनोत्री हाईवे अवरुद्ध हो गया। एनएच के कर्मचारियों ने शुक्रवार सुबह मलबा हटाकर यहां यातायात बहाल किया। वहीं, व्यासी के पास भी भूस्खलन होने से रास्ता करीब दो घंटे बंद रहा। 

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ऑल वेदर रोड परियोजना के तहत यमुनोत्री हाईवे पर पोल गांव से पालीगाड़ के बीच सड़क चौड़ीकरण का कार्य चल रहा है। बृहस्पतिवार देर रात पालीगाड़ के पास भारी मलबा आने से यमुनोत्री हाईवे अवरुद्ध हो गया, जिससे यमुनोत्री एवं जानकीचट्टी समेत गीठ पट्टी के गांव अलग थलग पड़ गए थे।
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हालांकि रात को ट्रैफिक बंद होने के कारण कोई समस्या नहीं आई। शुक्रवार को सूचना मिलते ही एनएच के कर्मचारियों ने भारी मशीनें लगाकर मलबा हटाने का कार्य शुरू कर दिया।
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इस दौरान करीब पांच घंटे तक सड़क के दोनों ओर फंसे रहे लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। एनएच के एई धीरज गुप्ता ने बताया कि शुक्रवार सुबह करीब दस बजे मलबा साफ कर यातायात बहाल कर लिया गया। 

फरासू में लगा तीन किमी लंबा जाम, 45 मिनट बाद खुला

पीआरडी और होमगार्ड के जवानों की ड्यूटी कुंभ मेले मेें लगाए जाने से बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर हनुमान मंदिर फरासू के समीप पुन: जाम की समस्या हो गई है। शुक्रवार को यहां दोनों ओर लगभग तीन किलोमीटर क्षेत्र में वाहनों की कतार लग गई, जिसे खोलने में 45 मिनट से अधिक का समय लग गया। लोगों ने यहां पुलिस जवानों की तैनाती की मांग की है। 

श्रीनगर से करीब 6 किलोमीटर दूर फरासू के समीप पीडब्लूूडी राष्ट्रीय राजमार्ग खंड की ओर से भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र का ट्रीटमेंट कार्य चल रहा है, जिसके चलते यहां बार-बार जाम लगता है। पूर्व में श्रीकोट पुलिस चौकी की ओर से यहां ट्रैफिक नियंत्रित करने के लिए पुलिस/होमगार्ड के जवानों की ड्यूटी लगाई गई थी, लेकिन जवानों की ड्यूटी खत्म होने से फिर जाम की स्थिति बन गई है। श्रीनगर से चमोली की ओर जा रहे प्रमोद बमराड़ा ने बताया कि शुक्रवार सुबह फरासू में काम बंद था।

दोनों ओर से संकरे स्थान पर वाहन आने से जाम लग गया। इससे दोनों ओर तीन किलोमीटर  क्षेत्र में वाहनों की कतार लग गई। जाम खुलने में लगभग 45 मिनट लग गए। इधर, चौकी इंचार्ज अजय कुमार ने बताया कि पीआरडी और होमागार्ड के जवान न होने से यह समस्या हुई है। व्यवस्था बनाने के लिए कांस्टेबल भेजे जाएंगे।  

इस मौसम में मास्क का उपयोग भी बेहद जरूरी

बच्चों को छींकते और खांसते समय शिष्टाचार भी सिखाना उतना ही जरूरी है, जितना उन्हें हाथों और मुहं की स्वच्छता के प्रति जागरुक रखना होता है। छींकते और खांसते समय कोहनी मोड़कर मुहं को ढका जा सकता है। ऐसे में किसी भी तरह के संक्रमण से बचने के लिए इस मौसम में मास्क का उपयोग भी बेहद जरूरी है।

उन्होंने बताया कि हाथ या मुहं की साफ-सफाई नहीं रखने पर कोरोना वायरस के संक्रमण फैलने का खतरा ज्यादा होता है। बच्चों के हाथ यदि गंदे रहेंगे तो फिर जो कुछ भी वह छूते हैं, उनसे बीमारियों के कीटाणु फैलना शुरू हो जाते हैं, यह स्थिति कोरोना संक्रमण को देखते हुए खतरनाक साबित हो सकती है।

संस्थान के बाल रोग विभागाध्यक्ष प्रो. एनके बट्ट ने बताया कि अभिभावकों को सबसे पहले सर्दियों में अपने बच्चों को गर्म कपड़ों को पहनाना सुनिश्चित करना चाहिए। मौसम के अनुसार उपयोग में लाए गए गर्म वस्त्र आपके बच्चों को गर्म, आरामदायक व सर्दी के दुष्प्रभावों से महफूज रखेंगे। 

सर्दियों में ऐसे रखें बच्चों का विशेष खयाल
सर्दियों में छोटे बच्चों का विशेष खयाल रखने की जरूरत है। इस वर्ष कोविड-19 महामारी के मद्देनजर सर्दियों के दौरान बरती गई लापरवाही उनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है। इस बाबत अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स ऋषिकेश के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने सर्दियों में बच्चों की देखभाल व खानपान को लेकर आवश्यक सुझाव दिए हैं। 

एम्स निदेशक प्रो.रविकांत ने कहा कि यह एक आम मिथक है कि ठंड का मौसम सर्दी लगने का कारण बनता है, लेकिन ऐसा नहीं है। फ्लू और जुकाम की शिकायत वायरस के कारण होती है। इन रोगों के रोगाणुओं के प्रसार को कम करने के लिए नियमितरूप से हाथ धोने से फ्लू को रोका जा सकता है।

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