उत्तराखंडः मौसम हुआ खराब, देहरादून में छा गया अंधेरा और होने लगी झमाझम बारिश
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मौसम विभाग की भविष्वाणी के अनुसार राजधानी देहरादून में आज सुबह करीब साढ़े नौ बजे घुप अंधेरा छा गया। जिसके बाद बारिश शुरू हो गई। वहीं कुमाऊं मंडल के तराई वाले इलाकों में बादल छा गए। जिसके बाद धूल भरी आंधी चलने लगी।
पहाड़ों की रानी मसूरी में मंगलवार तड़के से ही आसमान में काले घने बादल छाए रहे। करीब पौने ग्यारह बजे मौसम ने अचानक करवट बदली और तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश शुरू हो गई। जिससे तापमान में भारी गिरावट होने से नगर में ठंड बढ़ गई है। चमोली जिले में आसमान में बादलों के बीच सूर्यदेव की लुकाछिपी चलती रही। यहां दोपहर बाद बारिश शुरू हुई। वहीं रुद्रप्रयाग से केदारनाथ तक आसमान में हल्के बादल छाए हैं।
हरिद्वार में मंगलवार की सुबह से ही मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार मौसम बिगड़ गया। सुबह से ही हल्की बूंदाबांदी होती रही। मौसम ठंडा बना हुआ है। इस कारण सुबह बाजार देर से खुले तथा सरकारी दफ्तरों में भी रौनक कम रही। चंपावत और रुद्रपुर में हल्की बूंदाबांदी हुई। दोपहर बाद यमुनोत्रीधाम सहित पूरी यमुना घाटी में हवा के साथ बारिश शुरू हो गई।
70 से 80 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से आंधी चलने के आसार
मौसम विभाग के अनुसार उत्तराखंड के ज्यादातर क्षेत्रों में आज भारी ओलावृष्टि हो सकती है। साथ ही 60 से 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी भी चल सकती है। इस बाबत मौसम विभाग की चेतावनी के बाद राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने सभी डीएम को एडवाइजरी जारी करते हुए उच्च हिमालयी क्षेत्रों में पर्यटकों की आवाजाही रोकने समेत अन्य सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
मौसम केंद्र के अनुसार मंगलवार दोपहर बाद से अगले 48 घंटों के दौरान प्रदेश के ज्यादातर क्षेत्रों में भारी मात्रा में ओले गिरने और 70 से 80 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से आंधी चलने के आसार हैं।
आवश्यक वस्तुएं व उपकरण रखने के निर्देश दिए
मौसम विभाग की चेतावनी के बाद राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने सभी जिलाधिकारियों को एडवाइजरी जारी की है। सभी जिलाधिकारियों को आपदा प्रबंधन आईआरएस प्रणाली के सभी विभागीय नोडल अधिकारियों को हाई अलर्ट रहने, आपदा या दुर्घटना की सूचना तुरंत उपलब्ध कराने, सुरक्षा एवं आवागमन में नियंत्रण रखने, मोटर मार्ग बंद होने पर उसे तुरंत खुलवाने, सभी थाना-चौकियों व राजस्व अधिकारियों को अलर्ट रहने के भी निर्देश दिए हैं।
वहीं सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को फोन ऑन रखने, अधिकारियों के वाहनों में टॉर्च, बरसाती समेत अन्य आवश्यक वस्तुएं व उपकरण रखने के निर्देश दिए हैं। भारी बरसात या असामान्य मौसम की चेतावनी जारी कर उच्च हिमालयी क्षेत्रों में पर्यटकों की आवाजाही प्रतिबंधित करने के निर्देश जारी किए हैं।