खबरदारः आने वाले दिनों में किसानों की मेहनत पर कहर बरपा सकता है बेईमान मौसम
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प्रदेश में बारिश और ओलावृष्टि किसानों की मेहनत पर कहर बरपा सकती है। मौसम विभाग ने 16 अप्रैल से उत्तराखंड में भारी ओलावृष्टि व तेज हवा चलने का पूर्वानुमान जारी किया है। इस समय पहाड़ों में जहां सेब पर फूल आने का दौर चल रहा है। वहीं, मैदानी क्षेत्रों में आम, लीची में बौर निकल रही हैं, जबकि मैदानी क्षेत्रों में गेहूं की फसल पक कर तैयार हैं। यदि बारिश और ओलावृष्टि होती है, तो इन फसलों को भारी नुकसान हो सकता है।
प्रदेश में इस बार अच्छी बर्फबारी होने से किसानों ने सेब की बंफर पैदावार होने की उम्मीद लगाई है। इन दिनों उत्तरकाशी जिले समेत अन्य सेब उत्पादक क्षेत्रों में सेब पर फूल आने का दौर चल रहा है। ऐसे समय में ओलावृष्टि और बारिश सेब की फसल के लिए सबसे घातक है। ओले पड़ने से सेब के पेड़ों से फूल झड़ने के कारण सीधा असर उत्पादन पर पड़ेगा।
वहीं, मैदानी जिलों में आम, लीची में बौर निकल रहे हैं। निचले क्षेत्रों में गेहूं की फसल पर पक कर तैयार हो चुकी है। जिन किसानों ने गेहूं काट कर खेतों में रखा है। वह बारिश के कारण खराब हो सकती है। प्रगतिशील बागवान प्रेम चंद शर्मा, डीपी उनियाल का कहना है कि ओलावृष्टि से सेब की फसल चौपट हो जाएगी। इस समय सेब की फ्लावरिंग के लिए मौसम साफ होना जरूरी है, तभी सही ढंग से फूल मजबूत हो पाएंगे।
उद्यान निदेशक आरसी श्रीवास्तव का कहना है कि ओलावृष्टि और लगातार तीन-चार दिनों तक बारिश से सेब व अन्य बागवानी फसल को नुकसान होगा। उधर, कृषि निदेशक गौरी शंकर का कहना है कि प्रदेश में अधिकतर किसानों ने गेहूं की कटाई पूरी कर ली है। नवंबर-दिसंबर में जिन क्षेत्रों में गेहूं की बुवाई की गई है। वहां गेहूं की फसल देरी से तैयार होगी। कुछ घंटों के लिए होने वाली बारिश से खड़ी फसल को नुकसान होने की कम संभावना रहती है।
प्रदेश में उत्पादित फल-सब्जियों के क्षेत्रफल व उत्पादन की स्थिति
| फल एवं सब्जी | क्षेत्रफल(हेक्टेयर में) | उत्पादन(मीट्रिक टन) |
| मटर | 12000 | 83000 |
| फ्रासबीन | 6000 | 39000 |
| लीची | 10000 | 23700 |
| सेब | 24982 | 62000 |
| नाशपाती | 13029 | 78778 |
| आड़ू | 8000 | 57900 |
| फूलगोभी | 3000 | 38500 |