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Dehradun News: वक्फ बोर्ड ने दिए शहर काजी की नियुक्ति निरस्त करने के निर्देश
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देहरादून। नए शहर काजी हशीम सिद्दीकी की नियुक्ति को लेकर शुरू हुए विवाद और आपत्ति के बीच अब वक्फ बोर्ड ने भी शहर काजी की नियुक्ति तत्काल निरस्त करने के निर्देश दिए है। वक्फ बोर्ड ने साफ़ किया कि वक्फ बोर्ड या नियुक्त प्रबंध समिति को शहर काजी की नियुक्ति का अधिकार नहीं है।
शुक्रवार को पलटन बाजार की जामा मस्जिद कमेटी ने मौलाना मुफ्ती हशीम अहमद सिद्दीकी को शहर काजी नियुक्त किया था। शनिवार को वक़्फ़ बोर्ड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी एसएस उस्मान ने पलटन बाजार स्थित जामा मस्जिद के सदर नसीम अहमद को आदेश जारी किया। आदेश में कहा कि मस्जिद, वक्फ ईदगाह समिति का कार्यकाल वर्तमान में समाप्त है, इसके अलावा प्रबंध समिति के सदर ने अपना त्यागपत्र दिया और सचिव का इंतक़ाल हो गया था। जिसके कारण उक्त पद रिक्त चला आ रहा है। शुक्रवार को ही हशीम सिद्दीकी को शहर काजी नियुक्त कर दिया। इसके लिए ना कोई प्रक्रिया हुई ना ही शहर के मौअज्जिज लोगों से मश्वरा किया गया। उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्ड या वक्फ की ओर से नियुक्त प्रबन्ध समिति को किसी भी प्रकार से शहर काजी नियुक्त करने का अधिकार नहीं है। ऐसी स्थिति शहर की शान्ति भंग होने का अंदेशा हो सकता है। आदेश दिए कि शहर काजी की नियुक्ति को तुरंत निरस्त किया जाए। इसके अलावा शहर काजी के लिए किसी भी प्रकार से नियुक्ति प्रदान न की जाए।
वक़्फ़ बोर्ड की ओर से शहर काजी की नियुक्ति रद्द किए जाने के आदेश के बाद से ही शहर के उलेमा और आम जनता के बीच चर्चा शुरू हो गई। इसे लेकर उलेमा-ए-कराम, संस्थाओं के प्रतिनिधि, मदरसों के जिम्मेदार भी जल्द बैठक करेंगे, जिसमें नई नियुक्ति की प्रक्रिया पर विचार किया जाएगा। मुस्लिम सेवा संगठन ने कहा कि सभी समुदायों की राय को शामिल करते हुए इत्तेहाद और मशवरे से एक उपयुक्त और सम्मानित व्यक्ति को नियुक्त किया जाना चाहिए।
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शुक्रवार को पलटन बाजार की जामा मस्जिद कमेटी ने मौलाना मुफ्ती हशीम अहमद सिद्दीकी को शहर काजी नियुक्त किया था। शनिवार को वक़्फ़ बोर्ड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी एसएस उस्मान ने पलटन बाजार स्थित जामा मस्जिद के सदर नसीम अहमद को आदेश जारी किया। आदेश में कहा कि मस्जिद, वक्फ ईदगाह समिति का कार्यकाल वर्तमान में समाप्त है, इसके अलावा प्रबंध समिति के सदर ने अपना त्यागपत्र दिया और सचिव का इंतक़ाल हो गया था। जिसके कारण उक्त पद रिक्त चला आ रहा है। शुक्रवार को ही हशीम सिद्दीकी को शहर काजी नियुक्त कर दिया। इसके लिए ना कोई प्रक्रिया हुई ना ही शहर के मौअज्जिज लोगों से मश्वरा किया गया। उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्ड या वक्फ की ओर से नियुक्त प्रबन्ध समिति को किसी भी प्रकार से शहर काजी नियुक्त करने का अधिकार नहीं है। ऐसी स्थिति शहर की शान्ति भंग होने का अंदेशा हो सकता है। आदेश दिए कि शहर काजी की नियुक्ति को तुरंत निरस्त किया जाए। इसके अलावा शहर काजी के लिए किसी भी प्रकार से नियुक्ति प्रदान न की जाए।
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वक़्फ़ बोर्ड की ओर से शहर काजी की नियुक्ति रद्द किए जाने के आदेश के बाद से ही शहर के उलेमा और आम जनता के बीच चर्चा शुरू हो गई। इसे लेकर उलेमा-ए-कराम, संस्थाओं के प्रतिनिधि, मदरसों के जिम्मेदार भी जल्द बैठक करेंगे, जिसमें नई नियुक्ति की प्रक्रिया पर विचार किया जाएगा। मुस्लिम सेवा संगठन ने कहा कि सभी समुदायों की राय को शामिल करते हुए इत्तेहाद और मशवरे से एक उपयुक्त और सम्मानित व्यक्ति को नियुक्त किया जाना चाहिए।
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