पांच किलोमीटर पैदल चलेगा कांग्रेस का हर दावेदार
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उत्तराखंड विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस के दावेदारों की लंबी होती सूची से पार्टी उत्साहित है। पांच हजार की फीस भरने के बाद भी 70 विधानसभाओं के लिए एक हजार आवेदन पार्टी को मिले हैं।
अब प्रदेश संगठन टिकट आवेदन स्क्रीनिंग कमेटी को भेजने से पूर्व हर दावेदार को अपने विधानसभा क्षेत्र में पांच किलोमीटर की पदयात्रा का टास्क दे रही है। इस पदयात्रा में दावेदार को प्रदेश सरकार की उपलब्धियों जनता तक पहुंचानी है। इसके अलावा पार्टी सतत विकास संकल्प विकास यात्रा का तीसरा चरण 19 दिसंबर को हरक की पैड़ी से शुरू होगा।
टिकट दावेदारों के आवेदन की छंटनी की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। 18 दिसंबर को पार्टी की प्रदेश प्रभारी अंबिका सोनी देहरादून पहुंच रही है। प्रदेश चुनाव समिति की बैठक में अंबिका की मौजूदगी में आवेदनों पर चर्चा कर उन्हें स्क्रीनिंग कमेटी को भेजने की प्रक्रिया शुरू होगी।
पांच किलोमीटर लंबी पद यात्रा की अनिवार्यता तय
पार्टी ने इस बार हर आवेदन करने वाले और पदाधिकारियों के लिए प्रचार में पांच किलोमीटर लंबी पद यात्रा की अनिवार्यता तय कर दी है। पार्टी प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय के अनुसार सीएम और प्रदेश अध्यक्ष समेत हर प्रत्याशी और पदाधिकार को पद यात्रा निकाला अनिवार्य है। इससे हम पांच हजार किलोमीटर से अधिक की प्रचार यात्राएं कुछ दिनों में निकाल लेंगे।
पार्टी 19 दिसंबर को चुनाव घोषणा पत्र समिति की बैठक भी आयोजित करेगी, जिसमें अलग अलग विषयों पर्यटन, किसान, अल्पसंख्यक, अनुसूचित जाति एवं जनजाति, पर्यावरण आदि के विषय विशेषज्ञ सुझाव देंगे। सोशल मीडिया पर आए सुझावों को भी शामिल किया जाएगा। इसी दिन दोपहर बाद सतत विकास संकल्प यात्रा का तीसरा और अंतिम चरण समावेशी सतत विकास के लिए जनाशीष अभियान हरिद्वार के पिरान कलियर तक के लिए रवाना होगा।
राहुल की राह पर चलेंगे दावेदार
पांच किलोमीटर की पदयात्रा के बाद दावेदारों और पदाधिकारियों को क्षेत्र में किसी पिछड़े वर्ग, दलित या जनजातीय वर्ग के परिवार के यहां रात्री विश्राम करना होगा। राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के इस प्रयोग को क्षेत्रीय नेता भी अपनाएंगे। प्रदेश अध्यक्ष किशोर की माने तो इस प्रयोग से समाज के उस वर्ग से जुड़ने और उन्हें समझने का अच्छा अवसर मिलता है। उनके साथ भोजन करने से इस वर्ग का मनोबल भी बढ़ेगा।