वोटर कार्ड या लिस्ट में संशोधन कराने का सुनहरा मौका, बस लगेंगे ये दस्तावेज
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आपके वोटर कार्ड में कोई त्रुटि है या फिर आप किसी तरह का कोई अपडेट चाहते हैं, तो आप बिना देर किए मतदाता सत्यापन अभियान का हिस्सा बन जाएं। इसी तरह, वोटर लिस्ट में संशोधन के लिए यदि अभी तक इंतजार कर रहे थे, तो अब उपयुक्त समय आ गया है।
शनिवार से पूरे उत्तराखंड में डेढ़ महीने तक चलने वाले मतदाता सत्यापन कार्यक्रम की शुरुआत हो गई है। अपडेट वोटर लिस्ट का प्रकाशन निर्वाचन विभाग के स्तर पर 15 अक्टूबर को किया जाएगा।
इसके बाद सूची पर 15 दिसंबर तक आपत्तियां दर्ज होंगी। 1 जनवरी 2020 को वोटर लिस्ट का अंतिम तौर पर प्रकाशन किया जाएगा। मुख्य निर्वाचन अधिकारी सौजन्या ने रविवार को इस कार्यक्रम की शुरुआत की।
उन्होंने संबंधित पोस्टर, जिंगल आदि लांच किए। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कार्यक्रम के औचित्य और उससे संबंधित तमाम जानकारियों को साझा करते हुए कहा कि तमाम माध्यमों का इस्तेमाल करते हुए वोटर लिस्ट को सौ फीसदी सत्यापित और त्रुटिरहित बनाने के लिए यह कार्यक्रम शुरू किया गया है। उनके साथ प्रेस कान्फ्रेंस में अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ईवा आशीष श्रीवास्तव, संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रताप शाह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
अभियान में क्या है खास, क्या है प्रक्रिया
इस अभियान में वोटर कार्ड में दर्ज अपने और अपने परिवार के विवरण की जांच कर प्रमाणित किया जा सकता है। इससे निर्वाचक नामावली को 100 प्रतिशत त्रुटिरहित बनाया जा सकता है।
इस अभियान में लॉजिकल त्रुटियां और डुप्लीकेट त्रुटियां भी दूर की जाएंगी। मतदाता को अपने विवरण की जांच के लिए अपने वोटर कार्ड नंबर से www.nvsp.in पर लॉग इन करना होगा। इसके बाद अपने नाम, जन्मतिथि, लिंग, संबंध या संबंधी का नाम, पता व फोटो का सत्यापन करना होगा।
त्रुटियां होने पर अपने विवरण व फोटोग्राफ में परिवर्तन के लिए सही जानकारी अंकित करें। मतदाता सूची में परिवर्तन के लिए आवश्यक अभिलेखों में इंडियन पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, आधार कार्ड, शासकीय-अशासकीय कार्मिकों का पहचान पत्र, बैंक पासबुक, किसान पहचान पत्र, पैनकार्ड, एनपीआर के अंतर्गत आरजीआई के स्तर पर जारी स्मार्ट कार्ड, नवीनतम पानी, टेलीफोन, बिजली, गैस कनेक्शन का बिल शामिल है। इनमें से कोई भी एक पहचान दस्तावेज अपलोड करें। भविष्य में सेवाएं प्राप्त करने के लिए मोबाइल नंबर और ईमेल भी अंकित करें।
वोटर हेल्पलाइन 1950 बनेगी मददगार
पंजीकृत मतदाताओं के लिए स्थायी लॉग इन की सुविधा दी गई है। मोबाइल नंबर उपलब्ध कराने पर नियमित एसएमएस आधारित सूचना अलर्ट मिल सकेंगे। बीएलओ से व्यक्तिगत संपर्क किया जा सकता है। मतदाता की अनुमति के बिना कोई नाम हटाया नहीं जाएगा।
एक साथ रहने वाले परिवार को एक ही मतदेय स्थल पर रखा जाएगा। अधिक जानकारी के लिए वोटर हेल्पलाइन नंबर 1950 पर कॉल किया जा सकता है। वोटर हेल्पलाइन मोबाइल एप का उपयोग भी किया जा सकता है। मतदाता सुविधा केंद्र भी बनाए गए हैं। एक जनवरी 2020 तक 18 वर्ष की आयु प्राप्त करने वाले इसमें अपना नाम दर्ज करा सकते हैं।
11 हजार बीएलओ जुटे महाभियान में
उत्तराखंड में इस महाभियान में 11 हजार बीएलओ जुटे हैं। ऐसे बीएलओ को चिन्हित किया जा रहा है, जिनके पास स्मार्ट फोन है। तमाम जानकारी अपडेट करने के लिए ऐसे बीएलओ स्मार्ट फोन का इस्तेमाल भी कर पाएंगे। जिनके पास स्मार्ट फोन नहीं है, उनके लिए दूसरे विकल्प मौजूद हैं। निर्वाचन विभाग जल्द ही वोटरों की फोटो के सत्यापन के लिए खास तौर पर एक साफ्टवेयर लाने की भी तैयारी कर रहा है।