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उत्तराखंड: प्रदेश को विकसित बनाने का रोडमैप बताएगा विजन डॉक्यूमेंट 2047, सेतु आयोग सितंबर में करेगा पेश

Mon, 24 Aug 2026 09:51 PM IST
Alka Tyagi अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: Alka Tyagi Updated Mon, 24 Aug 2026 09:51 PM IST
सार

आयोग के डॉक्यूमेंट में पांच प्रमुख क्षेत्रों के बारे में विस्तृत रिपोर्ट पेश की गई है। रिपोर्ट बनाने के पहले संबंधित विषय के विशेषज्ञों और आम लोगों से राय ली गई है।

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Vision Document 2047 to outline roadmap for Uttarakhand development Setu Aayog to present
- फोटो : freepik.com(प्रतीकात्मक)

विस्तार

सेतु आयोग सितंबर के पहले सप्ताह में राज्य के लिए विजन डॉक्यूमेंट 2047 पेश कर देगा। इसमें संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करते हुए 2047 तक उत्तराखंड को विकसित बनाने का खाका पेश किया गया है।

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आयोग के डॉक्यूमेंट में पांच प्रमुख क्षेत्रों (अर्थव्यवस्था एवं कौशल विकास, अवसंरचना एवं कल्याण, शहरी एवं उप शहरी विकास, अनुश्रवण एवं मूल्यांकन और डेटा एनालिटिक्स) के बारे में विस्तृत रिपोर्ट पेश की गई है। रिपोर्ट बनाने के पहले संबंधित विषय के विशेषज्ञों और आम लोगों से राय ली गई है। आयोग का दावा है कि डॉक्यूमेंट के अनुसार राज्य के विकास को दिशा देने से बेहतर परिणाम मिलेंगे और उत्तराखंड को विकसित राज्यों की श्रेणी में खड़ा किया जा सकेगा।
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सेतु आयोग में सलाहकार दिनेश अग्रवाल ने सोमवार को एक प्रेसवार्ता कर कहा कि रिपोर्ट में राज्य के सभी हिस्सों को विकास की बेहतर संभावनाओं से जोड़ने की योजना पेश की गई है। कहा कि राज्य के मैदानी और पहाड़ी क्षेत्रों को विकसित करने के लिए बेहतर विजन पेश किया गया है।

अग्रवाल ने कहा कि राज्य के वास्तविक एवं सतत विकास के लिए प्रत्येक पर्वतीय गांव तक सुदृढ़ स्वास्थ्य एवं शिक्षा अवसंरचना और गुणवत्तापूर्ण सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना आवश्यक है। जब गांवों में स्वास्थ्य, शिक्षा की सुविधाएं मजबूत होंगी और लोगों के लिए रोजगार के साधन मिलेंगे, तभी पलायन पर प्रभावी रोक लगेगी। प्रेस वार्ता में निदेशक नियोजन मनोज पंत, विशेषज्ञ विशाल पराशर और हनुमंत रावत भी मौजूद रहे।

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