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सूरज की रोशनी से खड़ी चढ़ाई पर पहुंचाया पानी
विनोद चमोली/ अमर उजाला, चंबा (टिहरी)
Updated Mon, 27 Jan 2014 10:53 AM IST
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50 सालों से चुरेड़धार गांव में रोज सुबह पेयजल किल्लत एक टीस देती है। गांव वालों की परेशानी देख विष्णु शरण ने सौर ऊर्जा से गांव तक पानी पहुंचाने की ठानी।
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वर्षों पुरानी पेयजल किल्लत दूर
अब गांव के 38 परिवारों के 225 लोगों की रोजाना पानी के लिए भटकने की समस्या खत्म हो गई है। चंबा से 5 किमी दूर चुरेड़धार गांव स्थित है। गांव में पेयजल किल्लत वर्षों पुरानी है।
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सुबह होते ही ग्रामीणों को पानी के लिए 5 किलोमीटर दूर प्राकृतिक स्रोतों पर घंटों खड़े होकर अपने नंबर का इंतजार करना पड़ता था। बारह महीने पानी के लिए त्राहि-त्राहि मची रहती थी।
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एचआईएचटी के मुख्य कार्यकारी इंजीनियर विष्णु शरण मार्च 2013 में घूमते हुए चुरेणधार गांव पहुंचे थे। जब उन्होंने गांव में पेयजल की बुरी स्थिति देखी तो उन्होंने पेयजल स्रोत से गांव तक पानी पहुंचाने की ठानी।
ग्रामीणों ने की मदद
उन्होंने पेयजल स्रोत के पास बड़ी मात्रा में पानी इकट्ठा करने के लिए 12,500 लीटर का एक वाटर टैंक बनाया। इसके बाद पानी को गांव तक खड़ी चढ़ाई में पहुंचाने की समस्या सामने आई। इसके लिए उन्होंने गांव में सोलर पैनल लगाने की योजना बनाई।
ग्रामीणों को इसका पता चला तो वह भी मदद को आगे आए। फिर क्या था ग्रामीणों के सहयोग से सोलर पंपिंग योजना बनकर तैयार हो गई है। अब गांव में ही सौर ऊर्जा से 225 मीटर पाइपों के जरिए पानी पहुंच गया है।
दो पैनल में लगी हैं 25 प्लेटें
सूर्य की ऊर्जा को एकत्रित करने के लिए गांव में सौर ऊर्जा के दो पैनल लगाए गए हैं। एक पैनल में 30 और दूसरे में 20 प्लेटें लगाई गई हैं। इससे जुड़ी तार को पाइप के माध्यम से पेयजल स्रोत में पहुंचाया गया है।
ऊर्जा के माध्यम से पानी 182 मीटर खड़ी ऊंचाई में पंप कर गांव स्थित टैंक में पहुंचाया जाता है।
दो बड़े टैंकों का किया निर्माण
पानी एकत्रित करने के लिए दो टैंकों का निर्माण किया गया है। प्राकृतिक पेयजल स्रोत में पानी एकत्रित करने के लिए 12,500 लीटर का टैंक बनाया गया है। पंप होने के बाद पानी गांव के टैंक में पहुंचता है, जिसकी क्षमता 6000 लीटर है।
इस योजना में 20 लीटर प्रति मिनट पानी पंप किया जाता है। तीन दिनों तक सूर्य न निकलने के बाद भी इससे पानी पंप किया जा सकता है।
ग्रामीणों की समिति करेगी रख-रखाव
सोलर पंपिंग योजना के सुचारु क्रियान्वयन के लिए गांव में ग्राम सशक्तिकरण समिति बनाई गई है। इसमें संरक्षक पद पर धर्म दत्त डबराल, अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद और राम प्रसाद डबराल सचिव बनाए गए हैं।
इस समिति में ग्रामीणों ने चंदा कर 90 हजार रुपए जमा कर दिए हैं, जिसके माध्यम से भविष्य में योजना का रख-रखाव किया जाएगा।