देहरादून: तो क्या विधायकी छोड़ फिर मेयर का चुनाव लड़ेंगे विनोद चमोली!
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...तो क्या विनोद चमोली फिर मेयर का चुनाव लड़ेंगे! इन दिनों यह सवाल हर किसी की जुबान पर है। माना जा रहा है कि प्रचंड बहुमत वाली सरकार में चमोली खुद को एडजस्ट नहीं कर पा रहे हैं।
57 विधायकों के बीच कशमकश में उलझे चमोली को वह ‘सम्मान’ नहीं मिल पा रहा है, जो बतौर मेयर उन्हें हासिल है। हालांकि खुद चमोली इन चर्चाओं को अफवाह करार देते हैं। उनकी मानें तो वह खुद ऐसा नहीं सोचते, लेकिन यह कहना भी नहीं भूलते कि पार्टी का समर्पित सिपाही हूं, जो निर्देश मिलेंगे, उसके अनुसार ही काम करूंगा।
नगर निगम चुनाव में मेयर पद की दावेदारी को लेकर सियासत तेज होती जा रही है। मेयर पद के दावेदारों के नामों को लेकर सभी दल अभी शांत बैठे हुए हैं। वहीं दूसरी ओर शहर की सरकार की सियासत के धुरंधर खिलाड़ी मेयर विनोद चमोली का नाम फिर चर्चा में है।
चर्चा यह है कि वह फिर से मेयर का चुनाव लड़ सकते हैं। ऐसे में विरोधी दलों की धड़कने तेज हो गई हैं। इसकी कई वजह भी हैं। पहली यह कि संभावित दावेदारों में चमोली पार्टी के सबसे मजबूत प्रत्याशी हैं।
क्योंकि चमोली पिछली दो बार से लगातार मेयर हैं। वहीं, दूसरी वजह यह कि 57 विधायकों के प्रचंड बहुमत वाली सरकार से अगर एक विधायक कम हो भी जाता है, तो सरकार की सेहत पर कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है।
जानकारों का यह भी कहना है कि बीते दिनों सूबे की सियासत में चमोली मंत्री बनने की दौड़ में शामिल थे, कोई फैसला नहीं होने पर वह सेफ गेम खेलते हुए दोबारा मेयर पद के लिए दावेदारी कर सकते हैं। हालांकि चमोली खुद को चर्चा से अलग करते हैं। कहते हैं कि वह भाजपा के सच्चे सिपहसलार हैं, संगठन की ओर से उन्हें जो भी जिम्मेदारी दी जाएगी, उसे निभाएंगे।